जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ वाराणसी के वकीलों में आक्रोश, कचहरी के बाहर झाड़ू लगाकर किया प्रदर्शन, कहा – निष्पक्ष जांच हो

वाराणसी। दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जनपद के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार को वाराणसी के सत्र न्यायालय के बाहर अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और "जस्टिस वर्मा गो बैक" के नारे लगाए। वकीलों ने कचहरी परिसर के बाहर झाड़ू लगाकर प्रदर्शन किया।
दरअसल, जस्टिस वर्मा के निवास से करोड़ों रुपये नकद बरामद होने के बाद उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया है। इस फैसले से वाराणसी के वकीलों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बावजूद उचित कार्रवाई के बजाय सिर्फ उनका तबादला कर दिया गया, जो न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने अदालत परिसर के बाहर सड़क पर झाड़ू लगाकर सांकेतिक प्रदर्शन किया और भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग लाया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए।
वरिष्ठ अधिवक्ता नित्यानंद राय ने कहा कि यह निर्णय लोकतंत्र और न्याय प्रणाली के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दिया कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आम जनता का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठ सकता है।