सोशल मीडिया पोस्ट पर बढ़ा विवाद, लेखिका मधु पूर्णिमा किश्वर को वाराणसी के अधिवक्ता ने पुनः भेजा नोटिस

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वाराणसी/प्रयागराज। सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री पोस्ट किए जाने को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। प्रख्यात लेखिका एवं सामाजिक टिप्पणीकार मधु पूर्णिमा किश्वर (Madhu Purnima Kishwar) पर आरोप है कि उन्होंने पहले नोटिस और शिकायत के बावजूद दोबारा इसी प्रकार की सामग्री अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की है।

गंभीर आरोप और आपत्ति
उपलब्ध स्क्रीनशॉट्स के अनुसार, संबंधित पोस्ट में देश के शीर्ष नेतृत्व को लेकर गंभीर और विवादास्पद आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ता शशांक शेखर का कहना है कि इस तरह की भाषा और प्रस्तुति समाज में भ्रम, अविश्वास और वैमनस्य पैदा कर सकती है, जो चिंताजनक है।

कोर्ट में पहले से मामला दर्ज
इस मामले में अधिवक्ता शशांक शेखर द्वारा पूर्व में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), वाराणसी की अदालत में वाद दाखिल किया जा चुका है। न्यायालय द्वारा पुलिस से रिपोर्ट तलब की गई है और 15 अप्रैल 2026 को रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की तिथि निर्धारित की गई है।

नोटिस का अब तक नहीं मिला जवाब
अधिवक्ता के अनुसार, पहले भेजे गए नोटिस पर Madhu Purnima Kishwar की ओर से यह कहा गया था कि उनके अधिवक्ता जवाब देंगे, लेकिन अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। इसे मामले की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है।

फिर भेजा गया नोटिस
अब पुनः व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से नोटिस भेजा गया है, जिसमें तीन दिन के भीतर पोस्ट के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने या सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई है। तय समयसीमा में जवाब न मिलने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

चर्चा का विषय बना मामला
यह पूरा प्रकरण अब कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। मामले की आगे की कार्रवाई और अदालत में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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