वाराणसी : कृषि विज्ञान केंद्र ने VB–G RAM G अधिनियम 2025 पर चलाया जागरूकता अभियान
वाराणसी। मिर्जामुराद स्थित कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा “विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) : वीबी–जी राम जी (VB–G RAM G) अधिनियम, 2025” के अंतर्गत क्षेत्र के विभिन्न गांवों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत कल्लीपुर, खजुरी, मेहदीगंज, मिश्रपुर सहित आसपास के ग्रामों में सैकड़ों ग्रामीणों, कृषकों, श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मज़दूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक किए जाने की जानकारी देना तथा इसके माध्यम से स्थायी ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। विशेषज्ञों ने अधिनियम 2025 के विभिन्न प्रावधानों, इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों तथा ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने में इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एन. के. सिंह ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
बीज प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ (एसएमएस) एस. पी. सिंह ने रोजगार सृजन के साथ कृषि आधारित परिसंपत्ति निर्माण, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन और कृषि उत्पादकता बढ़ाने की संभावनाओं पर जानकारी दी। वहीं उद्यानिकी विशेषज्ञ (एसएमएस) डॉ. मनीष पांडेय ने फल और सब्जी उत्पादन, उद्यानिकी आधारित आजीविका तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसरों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में डॉ. प्रतीक्षा सिंह ने महिलाओं और युवाओं को आजीविका संवर्धन, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जुड़ी सरकारी पहलों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन केंद्र के प्रसार वैज्ञानिक डॉ. राहुल कुमार सिंह ने किया, जबकि शस्य वैज्ञानिक डॉ. अमितेश सिंह ने समसामयिक फसल प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में संवाद सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। उपस्थित ग्रामीणों ने इस जागरूकता कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे अभियानों को निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।

