वाराणसी : इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब निर्माण में अनियमितता, IIT कानपुर की टीम करेगी जांच
वाराणसी। पांडेयपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) परियोजना में वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ियों का मामला सामने आया है। शासन स्तर से शिकायत के बाद पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच अब आईआईटी कानपुर की विशेषज्ञ टीम द्वारा कराई जाएगी।
यह लैब केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना के तहत बनाई जा रही है। लैब का शिलान्यास 16 सितंबर 2023 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा किया गया था। करीब 1.25 करोड़ रुपये की लागत से लैब भवन निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसमें सीमेंट, सरिया और अन्य निर्माण सामग्री के मानकों के अनुरूप न होने की शिकायतें सामने आई हैं।
शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि लैब निर्माण में मानक के विपरीत कार्य हुआ है और कागजों पर लगभग 79 लाख रुपये का काम दिखा दिया गया, जबकि हकीकत में भवन अभी उपयोग के लायक नहीं बन पाया है। आरोप यह भी है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया, जिससे भविष्य में लैब संचालन और स्वास्थ्य जांच की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने आईआईटी कानपुर को पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं। आईआईटी की टीम निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, भवन की मजबूती, डिजाइन, तकनीकी मानकों और कार्य की गुणवत्ता की बारीकी से जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
लैब निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है और अब तक इसे पूरी तरह संचालित नहीं किया जा सका है। जबकि योजना के तहत इसे पूर्वांचल के लिए अत्याधुनिक जांच केंद्र के रूप में विकसित किया जाना था, जहां संक्रामक रोगों सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं उपलब्ध होनी थीं।

