वाराणसी : पावरग्रिड उपकेंद्र में हिंदी कार्यशाला, राजभाषा में कामकाज पर जोर
15 कर्मचारियों ने किया प्रतिभाग, हिंदी के महत्व और संवैधानिक प्रावधानों की दी गई जानकारी
वाराणसी। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के वाराणसी उपकेंद्र में 19 सितंबर को एक दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें वाराणसी, शक्तिनगर, रिहंद और एचवीडीसी विंध्याचल उपकेंद्रों के कुल 15 कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का उद्देश्य कर्मचारियों को राजभाषा हिंदी के महत्व से परिचित कराने के साथ कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यशाला का उद्घाटन उपकेंद्र प्रभारी एवं वरिष्ठ उप महाप्रबंधक राजकुमार तथा आमंत्रित संकाय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान हिंदी के महत्व, उसकी सारगर्भिता और कार्यालयीन कार्यों में उपयोगिता पर चर्चा की गई।
हिंदी की अनिवार्यता और संवैधानिक प्रावधानों पर व्याख्यान
कार्यशाला में आमंत्रित संकाय डॉ. विनोद कुमार वर्मा, सेवानिवृत्त प्रवक्ता, उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी ने “भारत में हिंदी की अनिवार्यता, महत्व एवं सारगर्भिता और धर्मिता” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने हिंदी की उपयोगिता और उसके महत्व को विभिन्न पहलुओं से समझाया। डॉ. वर्मा ने प्रतिभागियों को राजभाषा नीति और हिंदी से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने काव्य-पाठ के माध्यम से भी कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के दौरान राजभाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और कार्यालयीन कामकाज में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर रहा।
कार्यालयीन कार्य हिंदी में करने की अपील
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए उपकेंद्र प्रभारी एवं वरिष्ठ उप महाप्रबंधक राजकुमार ने सभी प्रतिभागियों से अपने अधिक से अधिक कार्यालयीन कार्य हिंदी में करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों को हिंदी में कामकाज के लिए प्रोत्साहित करना भी है। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यशाला के दौरान हिंदी में काम करने से जुड़ी अपनी समस्याओं को बेबाकी से प्रस्तुत करने को कहा, ताकि उन पर चर्चा कर समाधान की दिशा में प्रयास किया जा सके। कार्यशाला में विभिन्न उपकेंद्रों से आए कर्मचारियों ने सहभागिता की और हिंदी के प्रयोग से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
हिंदी नोडल अधिकारी ने किया संचालन
कार्यक्रम का संचालन हिंदी नोडल अधिकारी बिनोद कुमार ने किया। कार्यशाला में राजभाषा हिंदी के महत्व, संवैधानिक प्रावधानों और कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के उपयोग को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

