वाराणसी : आरटीआई की सूचना रोकना ग्राम पंचायत अधिकारी को पड़ा भारी, बीडीओ ने दी कार्रवाई की चेतावनी
वाराणसी। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतना ग्राम पंचायत अधिकारी को भारी पड़ सकता है। ग्राम पंचायत बनकट में कराए गए विकास कार्यों से संबंधित सूचना देने में देरी पर खंड विकास अधिकारी रिया सैनी ने ग्राम पंचायत अधिकारी एवं जनसूचना अधिकारी गिरधर गुप्ता को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने सात दिन के भीतर आवेदक को नियमानुसार वांछित सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अर्थदंड लगाने के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
यह मामला राजवारी निवासी संजय कुमार सिंह की ओर से सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत दाखिल प्रथम अपील और शिकायती प्रार्थना पत्रों से जुड़ा है। आवेदक ने ग्राम पंचायत बनकट में कराए गए विकास कार्यों से संबंधित सूचनाएं मांगी थीं। आरोप है कि संबंधित जनसूचना अधिकारी की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत सूचना उपलब्ध कराने में लापरवाही बरती गई।
मामले को लेकर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में भी पत्राचार किया गया था। इसके बाद खंड विकास अधिकारी ने 30 अक्टूबर को आदेश जारी कर संबंधित अधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सात दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवेदक को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बीडीओ ने अपने पत्र में सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई करने पर जोर दिया है। साथ ही निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है। इस आदेश की प्रतिलिपि सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जिला पंचायत राज अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भी भेजी गई है। वहीं, आवेदक को संबंधित अधिकारी से संपर्क कर मांगी गई सूचना प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद पंचायत स्तर पर सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

