वाराणसी : तीज महोत्सव में गूंजे लोकगीत, मेहंदी के हुनर से आत्मनिर्भरता का संदेश

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वाराणसी। कबीर नगर में रविवार को ‘नई सुबह एक उम्मीद’ सामाजिक संस्था के तत्वावधान में तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। क्षेत्र की महिलाओं ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। पारंपरिक लोकगीत, ढोलक-मंजीरे की थाप और मेहंदी की खुशबू से आयोजन स्थल तीज के उल्लास में रंगा रहा। संस्था ने पर्व के माध्यम से महिलाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ पारंपरिक हुनर को आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार से जोड़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजसेविका सीमा अग्रवाल रहीं। संचालन संस्था की अध्यक्ष ममता ने किया। सीमा अग्रवाल ने कहा कि तीज केवल श्रृंगार का पर्व नहीं, बल्कि नारी के प्रेम, त्याग, समर्पण और अखंड सौभाग्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सावन में माता पार्वती ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। उसी तप और प्रेम की स्मृति में महिलाएं पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए तीज व्रत रखती हैं। ऐसे पर्व नई पीढ़ी को संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।

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मेहंदी के हुनर से आत्मनिर्भरता की पहल
संस्था अध्यक्ष ममता ने बताया कि ‘हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर’ मुहिम के तहत बेटियों और महिलाओं को पारंपरिक हुनर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में मेहंदी का प्रशिक्षण ले रहीं बेटियों ने महोत्सव में महिलाओं को निःशुल्क मेहंदी लगाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मेहंदी का यह हुनर आगे चलकर बेटियों के लिए स्वरोजगार का माध्यम बन सकता है।

कार्यक्रम में राजश्री साहनी, रेशमा देवी, शिवानी कुमारी, जॉनसन बेबी, नीतू गुप्ता, काजल गुप्ता, कुसुम विश्वकर्मा, डोली कुमारी, सानिया और नुजहत बानो ने महिलाओं को मेहंदी लगाई। महिलाओं ने बेटियों का उत्साह बढ़ाते हुए उनके हुनर की सराहना की।

लोकगीतों पर झूमीं महिलाएं
महोत्सव में महिलाओं ने ढोलक और मंजीरे की थाप पर पारंपरिक तीज गीत प्रस्तुत किए। गीत-संगीत के बीच महिलाओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। आयोजन में पारंपरिक संस्कृति और महिला आत्मनिर्भरता का संगम देखने को मिला।

समापन पर प्रतिभागी बेटियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि सीमा अग्रवाल ने उन्हें उपहार देकर प्रोत्साहित किया और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बेटियों के हुनर को अवसर और पहचान मिले तो वे परिवार के साथ समाज को भी मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

इस अवसर पर खुशबू उपाध्याय, सत्या सिंह राजपूत, मंजरी श्रीवास्तव, पिंकी दूबे, शशि अस्थाना, रितु जायसवाल, बिपाशा गोस्वामी, आरती दुबे, अनुराधा गुप्ता, श्रेया वर्मा, सुषमा गुप्ता, दिव्या गुप्ता और डोली पांडे सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं।

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