वाराणसी : टिकरी गांव में जलनिकासी ठप, सैकड़ों घरों के आसपास भरा बारिश का पानी, फसल के नुकसान का खतरा
वाराणसी। चितईपुर थाना क्षेत्र के टिकरी गांव में बारिश के बाद जलनिकासी व्यवस्था ठप होने से जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। गांव के कई हिस्सों में बारिश का पानी जमा होने से सैकड़ों घर प्रभावित हैं। घरों के आसपास पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से लोगों को गंदगी और संक्रमण का खतरा भी सता रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के पानी की निकासी के लिए गांव में सीवर लाइन और नालियों की व्यवस्था है, लेकिन निकासी सुचारु नहीं होने के कारण पानी निचले इलाकों में जमा हो गया है। कई स्थानों पर घरों के आसपास काफी देर तक पानी लगा रहने से लोगों के दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।

खेतों में पहुंचा पानी, फसल को नुकसान की आशंका
जलभराव का असर गांव के आसपास स्थित खेतों पर भी पड़ा है। बारिश का पानी खेतों तक पहुंचने से धान, सब्जी और बाजरे की फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि खेतों से जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो तैयार हो रही फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। खेतों में लगातार पानी जमा रहने से फसल सड़ने और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता किसानों को सताने लगी है।

हर बारिश में सामने आती है समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में टिकरी गांव में जलनिकासी की समस्या हर वर्ष सामने आती है। अधिक बारिश होने पर गांव के निचले हिस्सों में पानी जमा हो जाता है। सीवर लाइन और नालियों की व्यवस्था होने के बावजूद पानी की निकासी नहीं हो पाती। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण हर बारिश में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।

मच्छरों का बढ़ सकता है प्रकोप
लंबे समय तक जलभराव रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, कई स्थानों पर गंदगी और दूषित पानी जमा होने से आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है। यदि समय रहते जलनिकासी नहीं कराई गई तो संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सीवर लाइन और जलनिकासी व्यवस्था की तत्काल जांच कराने की मांग की है। जहां निकासी बाधित है, वहां तकनीकी खामी दूर करने के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंप की व्यवस्था कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान अस्थायी रूप से पानी निकालने के बजाय जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि हर साल होने वाली समस्या से निजात मिल सके।





