वाराणसी : संकुलधारा पोखरा में जलजीवों की मौत से बढ़ी चिंता, जांच और कार्रवाई की उठी मांग

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वाराणसी। भेलूपुर क्षेत्र स्थित पौराणिक संकुल धारा पोखरा में लगातार मछलियों और कछुओं के मरने की घटनाओं ने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले इस प्राचीन कुंड में जलजीवों की हो रही मौतों को लेकर लोगों ने संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इस महत्वपूर्ण जलाशय की जैव विविधता और धार्मिक पहचान दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

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संकुल धारा पोखरा, जिसे संकुल धारा पोखरा के नाम से भी जाना जाता है, काशी के प्रमुख पौराणिक कुंडों में शामिल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस कुंड में स्नान करने से विभिन्न प्रकार के रोगों और कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसके ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर कुछ वर्ष पूर्व इसका सुंदरीकरण कराया गया था। करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किए गए इस कुंड का बाहरी स्वरूप भले ही आकर्षक दिखाई देता हो, लेकिन जलजीवों की लगातार हो रही मौतों ने रखरखाव व्यवस्था की पोल खोल दी है।

समाजसेवी गुड्डू पटेल ने आरोप लगाया कि कुंड के संरक्षण और देखरेख में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उनके अनुसार पिछले कई दिनों से प्रतिदिन मछलियों और कछुओं के मरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार संस्था इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो जलाशय के प्राकृतिक संतुलन को गंभीर क्षति पहुंच सकती है।

मामले को गंभीरता से उठाते हुए गुड्डू पटेल ने भाजपा के जनसंपर्क कार्यालय पहुंचकर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय विधायक नीलकंठ तिवारी से भी मुलाकात कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने जलजीवों की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

गुड्डू पटेल के अनुसार विधायक नीलकंठ तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त से चर्चा कर आवश्यक जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि कुंड के पानी की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच कराई जाए, मछलियों और कछुओं की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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