वाराणसी : बारिश में मकान ढहा, मलबे में दबकर दंपती घायल, गाय की मौत, लाखों का नुकसान 

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वाराणसी। जंसा थाना क्षेत्र के गोराई बाजार स्थित पुरन्दरपुर ग्राम सभा के नोनखरा गांव में बीती रात बारिश के दौरान कच्चा मकान और उससे सटा टिन शेड अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में मलबे के नीचे दबकर पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, एक गाय की दबने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य पशु घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे में करीब पांच लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।

नोनखरा गांव निवासी 43 वर्षीय त्रिभुवन यादव पत्नी वंदना यादव के साथ रहते हैं। बीती रात बारिश के दौरान दोनों पशुओं को पानी से बचाने के लिए टिन शेड के अंदर बांधने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक कच्चा मकान और उससे लगा टिन शेड भरभराकर गिर गया। दोनों इसकी चपेट में आकर मलबे के नीचे दब गए।

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मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर त्रिभुवन यादव और वंदना यादव को बाहर निकाला गया। दोनों को गंभीर चोटें आई थीं। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें इलाज के लिए वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे में मकान के मलबे में दबकर एक गाय की मौत हो गई, जबकि दो अन्य पशु घायल हो गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मकान के क्षतिग्रस्त होने से घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार हादसे का असर आसपास के निर्माण पर भी पड़ा। मकान के बगल में रहने वाले कल्पनाथ यादव की दीवार भी गिर गई। स्थानीय निवासी कल्पनाथ यादव ने बताया कि कच्चे मकान और टिन शेड के गिरने से परिवार को भारी क्षति हुई है। प्रारंभिक तौर पर नुकसान करीब पांच लाख रुपये होने का अनुमान लगाया जा रहा है, हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन प्रशासनिक सर्वे के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

घटना की जानकारी के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त मकान और पशुओं के नुकसान का सर्वे कराया जाए और नियमानुसार पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाया जाए। साथ ही, बारिश के दौरान जर्जर और कच्चे मकानों को लेकर भी प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।

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