वाराणसी : नकली चेसिस मामले में फरार आरोपियों पर शिकंजा, अग्रिम जमानत याचिका खारिज
वाराणसी। ई-रिक्शा डीलरशिप की आड़ में कथित रूप से नकली चेसिस के कारोबार से जुड़े मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। मामले में फरार चल रहे आरोपियों को अदालत से भी राहत नहीं मिली। अपर सत्र न्यायाधीश संख्या-4 सरबजीत सिंह की अदालत ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दाखिल अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। मामले में हिस्ट्रीशीटर पिंचू मारवाड़ी और उसके पुत्र प्रतीक सर्राफ का नाम भी सामने आया है।
बताया गया कि लखनऊ के एक अधिवक्ता की शिकायत के बाद शासन स्तर से मिले निर्देशों के क्रम में परिवहन विभाग ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद परिवहन विभाग ने संबंधित डीलर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे काली सूची में डाल दिया था।
इसके बाद जांच रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर पुलिस कमिश्नर स्तर से मामले की विस्तृत जांच कराई गई। जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने नामजद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस के सामने अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए वाहनों और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
अदालत ने राहत देने से किया इनकार
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी की ओर से अदालत में अंतरिम अग्रिम जमानत की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष मामले की गंभीरता, उपलब्ध तथ्यों और आरोपी के बताए गए आपराधिक इतिहास का मुद्दा रखा गया। न्यायालय ने परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम जमानत देने का आधार नहीं पाया और याचिका खारिज कर दी। आरोपी पक्ष की ओर से अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी और राकेश ने पैरवी की, जबकि वादी मुकदमे की ओर से अधिवक्ता धीरेन्द्र प्रताप सिंह और धर्मेंद्र यादव ने अपना पक्ष रखा।
आपराधिक इतिहास का भी उल्लेख
सुनवाई के दौरान आरोपी के कथित पुराने आपराधिक इतिहास का भी उल्लेख किया गया। मामले में मुन्ना बजरंगी से जुड़े बताए जा रहे हिस्ट्रीशीटर पिंचू मारवाड़ी के कथित आपराधिक नेटवर्क का भी जिक्र सामने आया। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होना बाकी है।
कई नाम जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार प्रकरण की निगरानी शासन स्तर से की जा रही है। पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश के साथ कथित नकली चेसिस से जुड़े वाहनों और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी में जुटी हैं। प्रकरण में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
अदालत से अग्रिम जमानत की राहत नहीं मिलने के बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज होने की संभावना है। हालांकि मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

