वाराणसी में वयस्क साक्षरता अभियान तेज, सितंबर तक 10 हजार लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य

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वाराणसी। जिले में निरक्षर वयस्कों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से व्यापक साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत वर्ष 2026 में 10 हजार निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए शिक्षा विभाग गांवों और शहरी क्षेत्रों में विशेष सर्वे कर ऐसे लोगों की पहचान कर रहा है, जो अब तक पढ़ना, लिखना और सामान्य गणना करने में सक्षम नहीं हैं। अभियान का उद्देश्य केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को दैनिक जीवन में उपयोगी शैक्षणिक दक्षता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है।

शिक्षा विभाग के अनुसार अब तक लगभग 6,600 निरक्षर वयस्कों का नामांकन किया जा चुका है। शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभागीय टीमें लगातार सर्वेक्षण में जुटी हैं। सर्वे पूरा होने के बाद नए लाभार्थियों का पंजीकरण कर उन्हें नियमित रूप से शिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा, ताकि वे सितंबर में आयोजित होने वाली साक्षरता परीक्षा में भाग ले सकें।

अभियान के अंतर्गत 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे सभी लोगों को शामिल किया जा रहा है, जो पढ़ने-लिखने और सामान्य अंकगणित करने में सक्षम नहीं हैं। प्रशिक्षण के दौरान भाषा, लेखन, गणित तथा दैनिक जीवन से जुड़े व्यवहारिक विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही लाभार्थियों को बैंकिंग सेवाओं, सरकारी योजनाओं, डिजिटल भुगतान और अन्य सार्वजनिक सेवाओं के उपयोग के प्रति भी जागरूक किया जाएगा, ताकि वे बदलते समय के साथ आत्मविश्वास से जुड़ सकें।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने स्वयंसेवी शिक्षकों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, नगर निकायों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया है। पंजीकृत लाभार्थियों को स्वयंसेवी शिक्षक नियमित रूप से शिक्षण देंगे और उन्हें परीक्षा के लिए तैयार करेंगे। प्रशासन का मानना है कि समाज की भागीदारी से अभियान अधिक प्रभावी और सफल बनाया जा सकता है। अभियान के तहत प्रशिक्षित सभी लाभार्थियों की सितंबर माह में साक्षरता परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को 'नव साक्षर' घोषित किया जाएगा। इसके बाद उन्हें आगे की शिक्षा, कौशल विकास और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।

बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सर्वे का कार्य तेजी से प्रगति पर है। उन्होंने ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास रहने वाले निरक्षर लोगों की जानकारी शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस अभियान से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल शिक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव है। इस अभियान के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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