UP College गोलीकांड: दिनदहाड़े छात्र की गोली मारकर हत्या से आक्रोश, एमएलसी ने परिजनों को बंधाया ढांढस, दी आर्थिक मदद
वाराणसी/गाजीपुर। उदय प्रताप (यूपी) कॉलेज में शुक्रवार को हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे पूर्वांचल को झकझोर कर रख दिया। गाजीपुर जनपद के दुबैठा गांव निवासी बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (20) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात ने न सिर्फ कॉलेज परिसर बल्कि आसपास के इलाकों में भी दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया। एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने मृत छात्र के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान परिजनों को ढांढस बंधाया। वहीं पांच लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की।
आरोपी छात्र मंजीत चौहान ने अपने साथी अनुज के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पहले से रंजिश चल रही थी। घटना के दिन प्रिंसिपल द्वारा दोनों पक्षों को समझाने के बाद जैसे ही वे बाहर निकले, आर्ट्स फैकल्टी के पास आरोपियों ने सूर्य प्रताप को घेर लिया और ताबड़तोड़ चार गोलियां दाग दीं। गंभीर रूप से घायल छात्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना के बाद एमएमलसी विशाल सिंह चंचल मृतक के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने अपनी ओर से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
घटना के बाद आक्रोशित हो गए थे कॉलेज के छात्र
घटना के बाद कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आक्रोशित छात्रों ने आरोपी की बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद भोजूबीर बाजार बंद कराकर छात्रों ने धरना-प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा सख्त कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को देर शाम गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी अनुज अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मृतक सूर्य प्रताप सिंह एक साधारण परिवार से था और अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता ऋषि देव सिंह वाराणसी में एक विद्यालय में वाहन चालक हैं, जबकि मां किरण सिंह वार्डन रह चुकी हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। हाल ही में सूर्य प्रताप होली के अवसर पर अपने गांव गया था, लेकिन यह उसकी जिंदगी की आखिरी होली साबित हुई।

