समावेशी योग की अनूठी पहल : कुष्ठ रोग मुक्त दिव्यांगजनों ने दिया स्वास्थ्य और समानता का संदेश
वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी), खुशीपुर में एक विशेष समावेशी योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एनएलआर इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें कुष्ठ रोग से मुक्त दिव्यांगजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योगाभ्यास किया। कार्यक्रम ने समाज में समावेशिता, समान अवसर और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
योग सत्र में सीआरसी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ कुष्ठ रोग से मुक्त व्यक्तियों और विभिन्न प्रकार के दिव्यांगजन शामिल हुए। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान संबंधी गतिविधियों का अभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संकल्प लिया।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य योग को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा यह संदेश देना था कि स्वास्थ्य और कल्याण का अधिकार सभी के लिए समान है। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने यह साबित किया कि शारीरिक चुनौतियां किसी व्यक्ति की क्षमता और उत्साह को सीमित नहीं कर सकतीं।
इस अवसर पर सीआरसी के निदेशक आशीष कुमार झा ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास को भी मजबूत करता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को दैनिक जीवन में योग को अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा समावेशी समाज के निर्माण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में एनएलआर इंडिया फाउंडेशन के राज्य समन्वयक बिपिन सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने समाज में जागरूकता बढ़ाने और दिव्यांगजनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। योगाभ्यास के माध्यम से सभी ने स्वस्थ, सकारात्मक और समावेशी समाज के निर्माण का संदेश दिया।

