धर्मनगरी काशी से लहराएगा राष्ट्रीयता और मातृशक्ति का झंडा 

WhatsApp Channel Join Now

देशभक्ति गीतों और ‘वंदे मातरम्’ के भाव के साथ तिरंगा तैयार करने में जुटीं स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं  

स्वयं सहायता समूहों की 800 महिलाएं तैयार कर रहीं 3 लाख तिरंगे, नौ लाख रुपये तक की आय का लक्ष्य

वाराणसी, 9 अगस्त: धर्मनगरी काशी स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रभक्ति के साथ मातृशक्ति के सशक्तिकरण का भी संदेश देगी। 15 अगस्त के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत काशी के घर-घर तिरंगा पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है। खास बात यह है कि इस अभियान में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं करीब 800 महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। महिलाएं ‘वंदे मातरम्’ के भाव के साथ करीब 3 लाख राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने में जुटी हैं। इससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को लगभग 6-9  लाख रुपये की आय होने का अनुमान है।

वाराणसी के आठ विकासखंडों में कुल 694 ग्राम पंचायतें हैं। इन सभी ग्राम पंचायतों तक तिरंगा पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। सभी 694 ग्राम पंचायतों को लगभग 270,000, बेसिक शिक्षा विभाग को 25,000 और जिला युवा कल्याण विभाग को 5000 झंडे आवंटित किये जाने का लक्ष्य है। अभियान के माध्यम से जहां स्वतंत्रता दिवस पर हर घर तिरंगा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा, वहीं महिलाओं को रोजगार और आय का अवसर भी मिल रहा है ।

राष्ट्रभक्ति के साथ आत्मनिर्भरता का संदेश
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं घर बैठे राष्ट्रीय ध्वज तैयार कर रही हैं। तिरंगा निर्माण के जरिए उन्हें रोजगार के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने के साथ ही महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति देगा। उनके परिश्रम से तैयार प्रत्येक तिरंगा देश के प्रति सम्मान और गौरव का प्रतीक होने के साथ काशी की मातृशक्ति की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता की कहानी भी कहेगा।

धर्म नगरी काशी की धरती से देशभक्ति का संदेश
उपायुक्त स्वतः रोजगार पवन कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय ध्वज निर्धारित मानकों के अनुरूप ही तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि काशी की धरती से तैयार होकर घर-घर पहुंचने वाले ये तिरंगे स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का संदेश देंगे। धर्मनगरी काशी से जब घर-घर तिरंगा लहराएगा तो उसमें देशभक्ति के रंग के साथ मातृशक्ति के श्रम, स्वाभिमान और सशक्तिकरण की झलक भी दिखाई देगी।

सेवापुरी ब्लॉक ग्राम अर्जुनपुर के पिता परमेश्वर स्वयं सहायता समूह की नेहा बताती हैं कि हम सभी महिलाएं सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम गाते और सुनते हुए तिरंगे तैयार कर रहे हैं। तिरंगा बनाने के दौरान पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंगा है। हमारे लिए यह सिर्फ रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और गर्व व्यक्त करने का अवसर भी है।  

काशी विद्यापीठ ब्लाक,ग्राम केशरिपुर की किरण एसएचजी की सोनी बताती हैं कि हमारी जैसी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं घर बैठे राष्ट्रीय ध्वज तैयार कर आय अर्जित कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर भारत और हर घर तिरंगा के संकल्प को काशी की महिलाएं अपने परिश्रम से साकार करने में जुटी हुई हैं।”  

ग्राम ठठेरीमानपुर की रहने वाली सूरज स्वयं  सहायता की खुशबू एवं ममता ने बताया कि यह अभियान न केवल राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का भी माध्यम है।

Share this story