बच्चों के दिल का मुफ्त इलाज कर रहा श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल, उत्तर प्रदेश के मरीजों को मिला सबसे अधिक लाभ

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वाराणसी। नया रायपुर स्थित श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल समूह बच्चों के हृदय रोगों के उपचार के क्षेत्र में देश की एक महत्वपूर्ण संस्था के रूप में कार्य कर रहा है। 28 दिसंबर 2012 को शुरू हुआ यह अस्पताल भारत का पहला बच्चों का कार्डियक सेंटर है, जहां उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। अस्पताल का उद्देश्य जाति, धर्म, वर्ग, आर्थिक स्थिति, रंग या देश के आधार पर किसी भी भेदभाव के बिना सभी जरूरतमंदों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा देना है।

अस्पताल समूह का विजन “सबसे प्रेम, सबकी सेवा” है, जबकि मिशन सभी के लिए पूरी तरह मुफ्त सेवा उपलब्ध कराना है। यहां बच्चों को प्यार और करुणा के साथ कार्डियक देखभाल प्रदान की जाती है। संस्था का मूल ध्येय है, “बच्चे का स्वास्थ्य ही देश की संपत्ति” और “स्वस्थ बच्चा, समृद्ध राष्ट्र”। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यह केवल अस्पताल नहीं बल्कि “उपचार का मंदिर” है, जहां भर्ती से लेकर छुट्टी तक रजिस्ट्रेशन, ऑपरेशन, दवाओं या अन्य सेवाओं के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। अस्पताल में बिलिंग काउंटर तक नहीं है।

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मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जाता है। 12 वर्ष से कम आयु के मरीज के साथ दो परिजनों के रहने और भोजन की व्यवस्था मुफ्त है। वहीं 18 वर्ष से अधिक उम्र के मरीज के साथ एक परिजन को रहने की अनुमति दी जाती है। संस्था संख्या के बजाय गुणवत्ता को प्राथमिकता देती है, ताकि हर मरीज को बेहतर और संवेदनशील सेवा मिल सके।

10 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल समूह में देश-विदेश से कुल 3,78,419 मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। अब तक 42,853 कार्डियक उपचार किए जा चुके हैं, जिनमें 27,697 सर्जरी और 15,153 कैथ इंटरवेंशन शामिल हैं। इसी तरह श्री सत्य साई संजीवनी मां एवं बाल अस्पताल समूह में ओपीडी में 3,78,419 मरीज पंजीकृत हुए हैं और 12,579 प्रसव कराए गए हैं।

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अयोध्या केंद्र में भी संस्था की सेवाओं का व्यापक लाभ मिला है। यहां 16,85,413 तीर्थयात्रियों को मुफ्त परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उत्तर प्रदेश के हृदय रोगी बच्चों को संस्था से विशेष लाभ मिला है। केवल उत्तर प्रदेश से ओपीडी में 1,00,363 मरीज पंजीकृत हुए हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। वहीं प्रदेश के 11,571 मरीजों की कार्डियक सर्जरी की गई है। रायपुर अस्पताल में बच्चों के हृदय रोग से जुड़े कुल मरीजों में औसतन 30 से 35 प्रतिशत मरीज उत्तर प्रदेश से होते हैं।

प्रदेश की बड़ी आबादी और जन्मजात हृदय रोग, शिशु मृत्यु दर तथा मातृ मृत्यु दर जैसी चुनौतियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश में भी श्री सत्य साई संजीवनी की सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता महसूस की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप चेयरमैन डॉ. सी. श्रीनिवास उत्तर प्रदेश में सेवाएं देने के लिए आगे आए हैं।

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