बीएचयू सेंट्रल लाइब्रेरी में सीट के लिए मची अफरा-तफरी, धक्कामुक्की में कई छात्र घायल
वाराणसी। बीएचयू की सेंट्रल लाइब्रेरी में गुरुवार सुबह सीट पाने की होड़ के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली। लाइब्रेरी खुलते ही छात्र-छात्राओं की भीड़ अचानक अंदर जाने के लिए उमड़ पड़ी, जिससे धक्कामुक्की और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान कई छात्र चोटिल हो गए, जबकि गेट के पास किताबें, पानी की बोतलें, चप्पलें और जरूरी कागजात बिखर गए।
भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र सुबह से ही लाइब्रेरी के बाहर लाइन लगाकर खड़े थे। हॉस्टल और किराए के कमरों से पहुंचे छात्र पढ़ाई के लिए सीट सुनिश्चित करना चाहते थे। जैसे ही प्रवेश शुरू हुआ, छात्र तेजी से अंदर भागने लगे और स्थिति अनियंत्रित हो गई। कई छात्रों के बैग और मोबाइल फोन भी भीड़ में छूट गए।
छात्रों का आरोप है कि घटना के समय प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी मौके पर मौजूद नहीं थे। काफी देर तक छात्र खुद ही व्यवस्था संभालने की कोशिश करते रहे। बाद में महिला और पुरुष गार्ड मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान एक छात्र और सुरक्षाकर्मी के बीच कहासुनी भी हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
छात्रों ने बताया कि दो दिन पहले भी इसी तरह की अव्यवस्था हुई थी, जिसमें चैनल गेट की कुंडी टूट गई थी, लेकिन उसके बाद भी प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के समय लाइब्रेरी में सीटों की भारी कमी हो जाती है, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है।
लाइब्रेरी के पीछे बना पांच मंजिला नया भवन तैयार होने के बावजूद उसका मुख्य प्रवेश द्वार अभी तक नहीं खोला गया है। सभी छात्रों को पुराने हेरिटेज भवन से ही प्रवेश करना पड़ता है, जिससे भीड़ बढ़ रही है। नई बिल्डिंग में कई सेक्शन शिफ्ट होने के कारण पढ़ाई के लिए उपलब्ध सीटें भी कम हो गई हैं।
स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 25 मई से सेंट्रल लाइब्रेरी का समय सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक करने का निर्णय लिया है। हालांकि छात्रों का कहना है कि केवल समय बढ़ाने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि सीटों की संख्या और प्रवेश व्यवस्था में सुधार जरूरी है।

