बरेका केंद्रीय चिकित्सालय में ‘प्रिवेंटिव विजिलेंस’ पर संगोष्ठी, पारदर्शिता और नैतिकता पर जोर
वाराणसी। बरेका के केंद्रीय चिकित्सालय में मंगलवार को सतर्कता जागरुकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। चिकित्सालय के सभागार कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय “प्रिवेंटिव विजिलेंस” रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ ने भाग लिया।
संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उनके दायित्वों के प्रति अधिक सजग, पारदर्शी और नैतिक बनाने के साथ-साथ कार्य निष्पादन में सतर्कता के महत्व को रेखांकित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और सतर्कता के साथ करना चाहिए, ताकि मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सतर्कता अपनाने से कार्य के दौरान अनावश्यक तनाव से भी बचा जा सकता है।
इस अवसर पर मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से “प्रिवेंटिव विजिलेंस” के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी को अपनाना न केवल संस्थान की छवि को मजबूत करता है, बल्कि कर्मचारियों के व्यक्तिगत और पेशेवर विकास में भी सहायक होता है। उन्होंने सभी उपस्थित कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उप मुख्य सतर्कता अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी एवं महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुलिका सिंह, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय सिंह दुर्गा प्रसाद, फिजिशियन डॉ. एस.के. मौर्या, वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल मिश्रा, मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. तन्मय आनंद, डॉ. अमित गुप्ता और डॉ. सौरभ सागर सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे। संगोष्ठी में पैरामेडिकल स्टाफ ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

