अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर काशी विद्यापीठ में संगोष्ठी, सामाजिक न्याय पर हुई चर्चा
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शिक्षाशास्त्र विभाग में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर संगोष्ठी आयोजित की गई। ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर के सामाजिक न्याय और समता की अवधारणा’ विषय पर हुए इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके विचारों और योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया।
संविधान निर्माण में योगदान पर डाली गई रोशनी
कार्यक्रम में विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ. ध्यानेंद्र कुमार मिश्र ने बाबा साहब को महान समाज सुधारक और विधि शास्त्र का ज्ञाता बताया। उन्होंने संविधान निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं।

वंचितों और नारी शिक्षा के लिए संघर्ष का उल्लेख
डॉ. पवन कुमार सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि बाबा साहब ने विषम परिस्थितियों में भी शोषित, वंचित और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को जागरूक कर उन्हें समान अधिकार दिलाने का कार्य किया।
छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की रही भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिनेश कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रमेश कुमार प्रजापति द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. राखी देब, डॉ. वीणा वादिनी अर्याल, डॉ. ज्योत्सना राय, डॉ. पवन कुमार सिंह, अजीत, सुनिधि, पूजा कुमारी, पूजा पाण्डेय, सरवानी, रितेश, संजय, मयूरी, श्वेता, मोनिका सहित कई शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

