IIT BHU में प्रयोगों से समझा विज्ञान, ग्रामीण बच्चों में वैज्ञानिक बनने का बढ़ा उत्साह 

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आइआइटी बीएचयू के ग्राम विज्ञान 2026 में टिकरी के विद्यार्थियों ने दिखाए नवाचार के विचार, बीएआरसी के वैज्ञानिक से किया संवाद

वाराणसी। ग्रामीण बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और उन्हें प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से आइआइटी बीएचयू की ओर से ग्राम विज्ञान 2026 का आयोजन किया गया। काशी विद्यापीठ ब्लॉक के टिकरी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न प्रयोगों और गतिविधियों में हिस्सा लिया। वैज्ञानिक सिद्धांतों को करीब से समझने के साथ बच्चों ने यंग इनोवेटर्स चैलेंज में भी अपने विचार प्रस्तुत किए। वैज्ञानिक से संवाद के दौरान कुछ विद्यार्थियों ने भविष्य में परमाणु वैज्ञानिक बनने की इच्छा जताई।

कार्यक्रम का आयोजन आइआइटी बीएचयू के वर्चुअल सस्टेनेबल डेवलपमेंट सेंटर (एसडीजी सेंटर) ने भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी (आइएनवाइएएस) और संस्थान की सोशल सर्विस काउंसिल के सहयोग से किया। इसमें कार्यशील वैज्ञानिक मॉडल, प्रयोग, प्रश्नोत्तरी, परिचर्चा और विभिन्न गतिविधियों के जरिए बच्चों को विज्ञान की बारीकियां समझाई गईं। विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने के लिए भी प्रेरित किया गया।

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पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास पर जोर
कार्यक्रम में कचरा प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, सूक्ष्मजीव, टिकाऊ कृषि, जैव विविधता और जनस्वास्थ्य जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को बताया गया कि विज्ञान का उपयोग पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में किस तरह किया जा सकता है।

कार्यक्रम संयोजक एवं आइआइटी बीएचयू के स्कूल ऑफ बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक सुरेश धाबले ने कहा कि ग्राम विज्ञान का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों के लिए विज्ञान को सरल, रोचक और उपयोगी बनाना है। रोजमर्रा के अनुभवों से जोड़कर वैज्ञानिक अवधारणाएं समझाने से बच्चों में सवाल पूछने, तार्किक सोच विकसित करने और नए समाधान तलाशने की प्रवृत्ति बढ़ती है।
 

एसडीजी सेंटर के प्रभारी प्रो. विकास कुमार दुबे ने कहा कि टिकाऊ विकास के लिए जागरूकता और जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार जरूरी है। बच्चों को जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और संसाधनों के उचित उपयोग से जोड़कर उनमें सतत विकास की समझ विकसित की जा सकती है। सह-संयोजक डॉ. प्रांजल चंद्र ने कहा कि प्रयोगों के माध्यम से बच्चे विज्ञान को केवल पढ़ते नहीं, बल्कि उसे अनुभव भी करते हैं। इससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलता है।

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वैज्ञानिक से बातचीत कर उत्साहित हुए बच्चे
कार्यक्रम में आइएनवाइएएस के सदस्य और मुंबई स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) से जुड़े डॉ. संतोष ने विद्यार्थियों से संवाद किया। वैज्ञानिक से सीधे बातचीत कर बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

आइआइटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी वैज्ञानिक ज्ञान को परिसर से बाहर समाज तक पहुंचाना भी है। ग्राम विज्ञान जैसे आयोजन बच्चों में जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करने के साथ विज्ञान को स्थानीय जरूरतों से जोड़ते हैं। उन्होंने विद्यालयों और समुदायों के साथ सार्थक जुड़ाव के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई।

BK Pathak
BK Pathak

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Beerkeshwar Pathak Journalist Beerkeshwar Pathak, who entered the field of journalism in 2015, has nearly a decade of experience in print and digital media. He holds a postgraduate diploma in journalism and has established his reputation through reporting at prestigious media outlets like Amar Ujala, Hindustan, and Dainik Jagran. He has a special interest and expertise in reporting on political and social issues, news analysis, and editing, along with eventful news. He currently serves as an editor at Live VNS, a leading digital news platform in Varanasi. In this role, he is contributing to reshaping digital journalism and delivering important information to readers through factual and reliable news. Factual investigation of news and effective editing are key aspects of his journalism.

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