महाराणा प्रताप के आदर्शों से विकसित भारत का संकल्प, काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर शुक्रवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। “विकसित भारत की संकल्पना में महाराणा प्रताप का राष्ट्र प्रेम एवं राष्ट्रीयता” विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में राष्ट्रवाद, संस्कृति, इतिहास और भारत के विकास के विभिन्न आयामों पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन ‘महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान’ तथा ‘पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ’ के संयुक्त तत्वावधान में गांधी अध्ययन पीठ सभागार में किया गया।

123

संगोष्ठी का उद्देश्य महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को वर्तमान भारत की विकास यात्रा से जोड़ते हुए युवाओं और समाज को प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शोधार्थी, शिक्षक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने महाराणा प्रताप के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. महेन्द्र सिंह रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप की जयंती केवल ऐतिहासिक स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणा का पर्व है। उन्होंने कहा कि युवाओं में इस दिन को लेकर जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। डॉ. सिंह ने महाराणा प्रताप के जीवन को “मान, सम्मान और स्वाभिमान” का प्रतीक बताते हुए कहा कि जब युवा उनके आदर्शों को आत्मसात कर संकल्प लेते हैं, तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।

123

उन्होंने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को दोहराया। अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप और गुरुदेव टैगोर जैसे महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर ही भारत विश्व मंच पर अपनी पहचान को और मजबूत कर रहा है।

संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) वांगचुक दोरजी नेगी ने की, जबकि विशिष्ट अतिथियों में सुशील सिंह और डॉ. अवधेश सिंह शामिल रहे। कार्यक्रम के संरक्षक प्रो. आनंद कुमार त्यागी रहे। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत संगठन मंत्री अभिलाष जी ने भी युवाओं को राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्रो. कृष्ण कुमार सिंह और डॉ. नगेन्द्र कुमार सिंह ने संगोष्ठी की विषयवस्तु और उसकी समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनरों में आनंदीबेन पटेल और योगी आदित्यनाथ के चित्र भी अंकित रहे, जो भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और गौरवशाली इतिहास के प्रति सम्मान का संदेश दे रहे थे।

Share this story