मीडिया कर्मियों के उत्पीड़न पर श्रम मंत्री से मिला काशी पत्रकार संघ व वाराणसी प्रेस क्लब का प्रतिनिधिमंडल, कार्रवाई के दिए निर्देश
वाराणसी। सहारा मीडिया कर्मियों के उत्पीड़न और बकाया भुगतान के मुद्दे को लेकर पत्रकार संगठनों ने कड़ा रुख अपनाया है। बिना किसी पूर्व सूचना के 8 जनवरी से राष्ट्रीय सहारा हिंदी दैनिक का प्रकाशन बंद किए जाने, कर्मचारियों का बकाया वेतन, ग्रेच्युटी और पीएफ का भुगतान न होने तथा मौखिक रूप से जबरन इस्तीफा मांगे जाने के मामले को लेकर काशी पत्रकार संघ और वाराणसी प्रेस क्लब के पदाधिकारियों के नेतृत्व में पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के श्रम, सेवायोजन एवं कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर से उनके आवास पर मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
पत्रकार संगठनों ने जताया आक्रोश
मुलाकात के दौरान काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्रा और वाराणसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंदन रुपानी ने सहारा मीडिया कर्मियों के खिलाफ की जा रही कथित उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने मंत्री से मांग की कि मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को न्याय दिलाया जाए।
मंत्री ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी को दिए तत्काल निर्देश
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत प्रिंसिपल सेक्रेटरी को फोन पर निर्देश दिए कि वाराणसी के साथ-साथ लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर और नोएडा में भी राष्ट्रीय सहारा के मीडिया कर्मियों से जुड़े प्रकरण का संज्ञान लिया जाए और पत्रकारों के उत्पीड़न के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए।
उप श्रम आयुक्त ने सुनी कर्मियों की बात, प्रबंधन को नोटिस
मंत्री के निर्देश के महज आधे घंटे के भीतर उप श्रम आयुक्त वाराणसी ने सहारा कर्मियों से संपर्क कर उन्हें कार्यालय बुलाया और उनकी पूरी बात सुनी। इसके बाद मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर तत्काल शासन को भेजी गई। साथ ही वाराणसी स्थित सहारा प्रबंधन को नोटिस जारी कर 20 जनवरी को उपस्थित होने का निर्देश दिया गया।
बड़ी संख्या में सहारा कर्मी रहे मौजूद
इस दौरान वाराणसी प्रेस क्लब के मंत्री एवं सहारा कर्मी विनय शंकर सिंह सहित ज्ञान सिंह रौतेला, कौशल कुमार सिंह, देवेश सिंह, राहुल सिंह, सुब्रतो मुखर्जी, त्रिपुरेष राय, मनोज राय, प्रभाकर दुबे, भगवत प्रसाद, संजय कुमार, उमेश श्रीवास्तव, वीरेंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह, हौसला सिंह और राकेश यादव उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर सहारा मीडिया कर्मियों को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।

