BHU बिड़ला मैदान में बाहरी लोगों के खेलने पर सवाल, आरटीआई से मांगा जवाब
वाराणसी। बीएचयू के बिड़ला हॉस्टल परिसर स्थित मैदान के उपयोग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मैदान में बाहरी लोगों के खेलकूद और अन्य गतिविधियों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। विधि संकाय के पूर्व छात्र संतोष त्रिपाठी ने इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
संतोष त्रिपाठी का कहना है कि बीएचयू के कला संकाय की ओर से आरटीआई के जवाब में मैदान में किसी भी गतिविधि के संचालित नहीं होने की जानकारी दी गई है। उनके अनुसार, कला संकाय के अनुभाग अधिकारी एवं लोक सूचना अधिकारी की ओर से जारी जवाब में बताया गया है कि एथलेटिक समिति के आधिकारिक अभिलेखों में बिड़ला मैदान पर किसी गतिविधि के संचालन का उल्लेख नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के लिखित जवाब और मैदान की मौजूदा स्थिति में विरोधाभास दिखाई दे रहा है। उनका दावा है कि मैदान में बाहरी लोगों को खेलते हुए देखा जा रहा है और वहां विभिन्न गतिविधियां संचालित हो रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि आधिकारिक अभिलेखों में मैदान पर कोई गतिविधि दर्ज नहीं है, तो बाहरी लोगों को वहां खेलने की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है।
संतोष त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मैदान के उपयोग को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर की संपत्तियों और खेल मैदानों के इस्तेमाल के लिए यदि कोई निर्धारित नियम, अनुमति अथवा प्रक्रिया तय है, तो उसकी जानकारी छात्रों और अन्य संबंधित लोगों को भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिड़ला हॉस्टल का मैदान विश्वविद्यालय के परिसर का हिस्सा है और इसके उपयोग को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। यदि बाहरी लोगों को मैदान के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है तो उसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और जिम्मेदार अधिकारी की जानकारी सामने आनी चाहिए। वहीं, यदि ऐसी कोई अनुमति नहीं है तो विश्वविद्यालय प्रशासन को मामले में आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
मामले के सामने आने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन के आरटीआई जवाब और मैदान की वास्तविक स्थिति के बीच सामंजस्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों और पूर्व छात्रों की ओर से भी प्रशासन से स्पष्ट जवाब की अपेक्षा की जा रही है, ताकि मैदान के उपयोग और बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर स्थिति साफ हो सके।

