यूजीसी 2026 के आरक्षण प्रस्ताव के विरोध में सवर्ण समाज में आक्रोश, जिला मुख्यालय पर किया प्रदर्शन

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। यूजीसी 2026 में आरक्षण को लेकर सवर्ण समाज के लोगों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर पिछले करीब 11 दिनों से शास्त्री घाट पर धरना-प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने शनिवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

लोगों का कहना है कि वे पिछले 11 दिनों से शास्त्री घाट पर लगातार धरना और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों और आपत्तियों से संबंधित जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई है, लेकिन अभी तक किसी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ने आंदोलनकारियों से वार्ता नहीं की है। उनका आरोप है कि अब तक केवल एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर उनसे बातचीत की, जबकि किसी मंत्री अथवा कैबिनेट मंत्री ने उनसे संवाद करने की पहल नहीं की।

123

लोगों ने कहा कि धरने के दौरान प्रतिदिन होने वाले प्रदर्शन की रिपोर्ट भी संबंधित अधिकारियों को भेजी जा रही है। इसके बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के बावजूद यदि शासन-प्रशासन की ओर से उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

लोगों ने यूजीसी 2026 से संबंधित आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि जब तक उनकी मांग पर सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक शास्त्री घाट पर धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को उठाया और प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार अधिकारियों को अवगत करा रहे हैं और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।लोगों ने शासन से मांग की कि यूजीसी 2026 में प्रस्तावित आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर उनकी बात सुनी जाए और उनकी आपत्तियों का समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

Share this story