राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल पर जमीन कब्जा के आरोपों को PRO ने बताया निराधार, बोले-विरोधी छवि धूमिल करने का कर रहे प्रयास, दो लोगों पर FIR
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल पर भूमि कब्जे और रास्ता अवरुद्ध करने के आरोपों को जनसंपर्क अधिकारी जयध्वज श्रीवास्तव ने निराधार, तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी चुनावों के मद्देनजर राज्यमंत्री की राजनीतिक छवि धूमिल करने के उद्देश्य से दुष्प्रचार किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर बयानबाजी का लगाया आरोप
जयध्वज श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि डॉ. श्रवण सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता सुनील सिंह सोशल मीडिया के माध्यम से मंत्री के खिलाफ तथ्यहीन बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि इस तरह के आरोपों से मंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि विवाद से जुड़े आरोपों को तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
जमीन को लेकर दिया स्पष्टीकरण
भूमि विवाद के संबंध में जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि राजा तालाब क्षेत्र में स्थित संबंधित जमीन डॉ. श्रवण सिंह ने वर्ष 2010-11 में खरीदी थी। उनके अनुसार, जमीन तक पहुंचने के लिए कोई सीधा मुख्य रास्ता उपलब्ध नहीं था और जमीन खरीदते समय किसान की ओर से भी इसकी जानकारी दी गई थी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में मंत्री पक्ष की ओर से संबंधित किसान से कानूनी प्रक्रिया के तहत जमीन खरीदी गई। PRO के मुताबिक, जमीन खरीदने के बाद लगभग छह महीने तक वहां तारबंदी और बैरिकेडिंग रही, जिसके बाद बाउंड्री कराई गई। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में किसी भी पक्ष की ओर से कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई थी।
दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का दावा
जयध्वज श्रीवास्तव ने बताया कि कथित दुष्प्रचार और मंत्री की छवि धूमिल करने के मामले में उन्होंने दो दिन पूर्व भेलूपुर थाने में डॉ. श्रवण सिंह और सपा नेता सुनील सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस करेगी। फिलहाल, भूमि विवाद को लेकर दोनों पक्षों के आरोपों और दावों के बीच मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

