प्रमुख सचिव अनुराग यादव का वाराणसी दौरा: सर्वोदय विद्यालयों और रामनगर वृद्धाश्रम का किया निरीक्षण
वाराणसी। उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव (समाज कल्याण) Anurag Yadav ने शुक्रवार को वाराणसी में शिक्षा और सामाजिक कल्याण संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, सातोमहुआ-तरसड़ा और Ramnagar Ashram स्थित वृद्धाश्रम का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
सातोमहुआ विद्यालय में पठन-पाठन और व्यवस्थाओं की जांच
प्रमुख सचिव ने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, सातोमहुआ की स्थापना, शिक्षकों और छात्रों की संख्या के बारे में जानकारी ली। प्रधानाचार्य फिरतू राम ने बताया कि यह विद्यालय वर्ष 2005 से सातोमहुआ में संचालित है, जबकि इससे पहले 1964 से 2004 तक यह संस्था सारनाथ में चलती थी।
विद्यालय में कुल 14 शिक्षक कार्यरत हैं और 300 छात्रों के सापेक्ष 183 छात्र उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने कक्षाओं, छात्रावास, कंप्यूटर लैब, टैब लैब, लाइब्रेरी, भोजनालय और साफ-सफाई की स्थिति का विस्तार से जायजा लिया।
तरसड़ा विद्यालय में छात्र की कला से प्रभावित हुए प्रमुख सचिव
इसके बाद प्रमुख सचिव ने तरसड़ा स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय का निरीक्षण किया। यहां 296 छात्रों के सापेक्ष 222 छात्र उपस्थित पाए गए और 17 शिक्षक शिक्षण कार्य में लगे हैं। यह विद्यालय वर्ष 2010 से संचालित है।
निरीक्षण के दौरान कक्षा 7 के छात्र श्रेयांश गौतम ने प्रमुख सचिव का चित्र बनाकर उन्हें भेंट किया। इस प्रतिभा से प्रभावित होकर प्रमुख सचिव ने छात्रों को प्रोत्साहित किया और कला से जुड़ी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
रामनगर वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं पर जताई संतुष्टि
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने रामनगर स्थित नवनिर्मित वृद्धाश्रम का भी दौरा किया। यहां रहन-सहन, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
अधिकारियों ने बताया कि “भिक्षावृत्ति मुक्त काशी अभियान-2023” के तहत निराश्रित लोगों के पुनर्वास का कार्य किया जा रहा है। वहीं ‘स्माइल योजना’ के अंतर्गत “अपना घर आश्रम” को कार्यदायी संस्था के रूप में चुना गया है।
56 वृद्धजन रह रहे, वरीयता के आधार पर होता है चयन
वृद्धाश्रम में वर्तमान में 56 वृद्धजन निवास कर रहे हैं। चयन प्रक्रिया में पहले वाराणसी, फिर मंडल और उसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों के वृद्धजनों को प्राथमिकता दी जाती है।
इस संस्था का संचालन पीपीपी मॉडल के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसमें जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति की निगरानी रहती है।

