बनारस में व्यापारी पर दबाव! '₹15 लाख दो, नहीं तो वीडीए और नगर निगम से गिरवा देंगे घर'

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वाराणसी। काशी में एक व्यापारी द्वारा अपना आशियाना तैयार करना अब उसके लिए मानसिक प्रताड़ना और कथित दबाव का कारण बन गया है। शहर के एक प्रतिष्ठित कारोबारी ने आरोप लगाया है कि कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग उनसे ₹15 लाख की रंगदारी मांग रहे हैं और पैसा न देने पर विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस के जरिए कार्रवाई करवाने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित व्यापारी ने पूरे मामले में प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।

मकान बनवाना बना मुसीबत, लगातार बढ़ाया जा रहा दबाव
पीड़ित व्यापारी अजय गुप्ता ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उसने बहुत पहले अपने परिवार के लिए मकान बनवाया था, लेकिन पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों द्वारा लगातार उन्हें परेशान किया जा रहा है। उनका आरोप है कि उनके खिलाफ नगर निगम और वीडीए में बार-बार शिकायतें करवाई जा रही हैं, ताकि परिवार मानसिक दबाव में आ जाए।

“₹15 लाख नहीं दिए तो मकान सीज करवा देंगे”
व्यापारी का कहना है कि उनसे साफ तौर पर कहा गया कि यदि ₹15 लाख नहीं दिए गए तो उनके मकान को अवैध बताकर सीज या ध्वस्त कराने की कार्रवाई करवाई जाएगी। पीड़ित के अनुसार, दबाव बनाने के लिए लगातार नोटिसों और शिकायतों का सहारा लिया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर बदनाम करने का भी आरोप
अजय गुप्ता ने आरोप लगाया कि यह केवल प्रशासनिक शिकायतों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए भी उनके परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि झूठे और भ्रामक आरोपों के जरिए उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हो रहा है, जिससे पूरा परिवार तनाव में है।

हार्ट पेशेंट पिता पर पड़ा मानसिक दबाव
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इस पूरे विवाद का असर उनके बुजुर्ग पिता की सेहत पर पड़ रहा है। पीड़ित के अनुसार उनके पिता हृदय रोग से पीड़ित हैं और लगातार चल रहे तनाव तथा धमकियों के कारण उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। व्यापारी ने आशंका जताई कि यदि परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी उन्हीं लोगों की होगी जो लगातार दबाव बना रहे हैं।

“व्यापारियों से अवैध वसूली बना धंधा”
व्यापारी ने आरोप लगाया कि शहर में कुछ लोग प्रशासनिक तंत्र और कानूनी प्रक्रियाओं का डर दिखाकर व्यापारियों और मकान बनवाने वाले लोगों से अवैध वसूली को धंधा बना चुके हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसे तत्वों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आम कारोबारी और मध्यम वर्गीय परिवार अपने ही घर बनाने से डरने लगेंगे।

पुलिस को दी गई तहरीर, निष्पक्ष जांच की मांग
फिलहाल मामले में पुलिस को तहरीर दी गई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें प्रशासन और कानून व्यवस्था पर भरोसा है तथा निष्पक्ष जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी।

आदमपुर थाने में दी गई तहरीर

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