केंद्रीय कारागार में तिरंगे के साथ गूंजा देशभक्ति का नारा, स्टाफ और बंदियों ने निकाली यात्रा
‘हर घर तिरंगा’ अभियान में शामिल हुए 150 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी, बंदियों ने भी दिखाई राष्ट्रभक्ति
वाराणसी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत गुरुवार को वाराणसी के केंद्रीय कारागार में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। वरिष्ठ कारागार अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्रा के नेतृत्व में जेल प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर भव्य यात्रा निकाली। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से पूरा कारागार परिसर गूंज उठा।
तिरंगा यात्रा में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को छोड़कर करीब 150 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। कारागार के विभिन्न विभागों में कार्यरत बाबू, फार्मासिस्ट समेत अन्य कर्मचारियों ने यात्रा में भाग लेकर राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। यात्रा के दौरान कर्मचारियों ने देशभक्ति के नारों के साथ लोगों को राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्य का संदेश दिया।

वरिष्ठ कारागार अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 13 अगस्त को केंद्रीय कारागार के स्टाफ की ओर से तिरंगा यात्रा आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है।
बंदियों ने भी निकाली तिरंगा यात्रा
केंद्रीय कारागार में बंदियों ने भी राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। अलग-अलग सर्किलों में बंदियों ने टोली बनाकर तिरंगा यात्रा निकाली। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाए गए। कारागार प्रशासन ने सर्किल-दर-सर्किल जाकर बंदियों को इस आयोजन में शामिल किया।

राधाकृष्ण मिश्रा ने कहा कि कारागार में बंद होने के बावजूद बंदियों के भीतर भी देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना मौजूद है। ऐसे आयोजन उन्हें राष्ट्रीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने बताया कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से कारागार परिसर में राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और राष्ट्रध्वज के सम्मान का संदेश दिया गया। ‘हर घर तिरंगा’ पखवाड़े के तहत आयोजित कार्यक्रमों से जेल प्रशासन ने भी राष्ट्र के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध को मजबूत करने का प्रयास किया।

