सरदार पटेल की जयंती पर काशी विश्वनाथ धाम से दिया एकता और स्वच्छता का संदेश, नमामि गंगे ने श्रद्धालुओं को दिलाई राष्ट्रीय एकता, अखंडता और स्वच्छता की शपथ
वाराणसी। भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर शनिवार को काशी विश्वनाथ धाम में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और स्वच्छता का संदेश गूंजा। नमामि गंगे की ओर से आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से काशी पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को राष्ट्र की एकता बनाए रखने तथा स्वच्छता को जीवनशैली में शामिल करने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान लोगों ने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
जगद्गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा के सम्मुख आयोजित कार्यक्रम में हर-हर महादेव के जयघोष के बीच राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने, आपसी भाईचारा बनाए रखने और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि भगवान शिव और श्री काशी विश्वनाथ धाम भारतीय सांस्कृतिक एकता के प्रतीक हैं। भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग देश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित होकर भारत को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से एक सूत्र में जोड़ते हैं। ये ज्योतिर्लिंग विविधता में एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश देते हैं।
उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम से देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति और एकता का संदेश पहुंचता है। ऐसे पवित्र स्थल पर सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाकर राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संकल्प लेना विशेष महत्व रखता है। सरदार पटेल ने देश की रियासतों का एकीकरण कर भारत को एक सूत्र में पिरोने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उनके विचार और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
राजेश शुक्ला ने लोगों से आह्वान किया कि राष्ट्रीय एकता केवल एक दिन का संकल्प न रहे, बल्कि इसे अपने व्यवहार और दिनचर्या में उतारें। स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाकर ही समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में जयदेव, प्रणय, सौविक, योगेश, सुहासिनी, शकुंतला सहित नमामि गंगे के अन्य सदस्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

