गुरु पूर्णिमा पर पंडित धीरज उपाध्याय ने दिया गुरु भक्ति का संदेश, बोले- गुरु के मार्गदर्शन से ही जीवन को मिलती है सही दिशा
वाराणसी। आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु पूर्णिमा का महापर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर काशी अनुष्ठान सेवा समिति के सचिव एवं विख्यात कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित धीरज उपाध्याय ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ही व्यक्ति के जीवन को अज्ञान से ज्ञान, भ्रम से सत्य और असफलता से सफलता की ओर ले जाने वाले पथप्रदर्शक होते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से गुरु के बताए मार्ग पर चलने और उनके उपदेशों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
पंडित धीरज उपाध्याय ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि अपने गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल से इस दिन व्यास पीठ की पूजा एवं गुरुदेव का विधिवत पूजन करने की परंपरा चली आ रही है। शिष्य इस अवसर पर अपने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त कर जीवन को सफल बनाने का संकल्प लेते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गुरु के बिना किसी भी शुभ कार्य की पूर्णता संभव नहीं मानी गई है।

उन्होंने कहा, "यदि जीवन को सार्थक, सफल और उद्देश्यपूर्ण बनाना है तो सदैव अपने गुरु से मार्गदर्शन लेते रहें तथा उनके बताए वचनों और आदर्शों का निष्ठापूर्वक पालन करें। गुरु का सान्निध्य ही व्यक्ति के व्यक्तित्व और आध्यात्मिक विकास का सबसे बड़ा आधार है।"
पंडित धीरज उपाध्याय ने बताया कि बदलते समय के साथ गुरु-शिष्य परंपरा का स्वरूप आधुनिक तकनीक से भी जुड़ गया है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर काशी के स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े उनके शिष्यों और यजमानों ने फोन, वीडियो कॉल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से आशीर्वाद प्राप्त किया। दिल्ली, मुंबई सहित कई महानगरों से श्रद्धालुओं ने सुबह से ही संपर्क कर गुरु वंदना की और ऑनलाइन दर्शन का लाभ लिया।
उन्होंने कहा कि तकनीक ने दूरियों को कम कर दिया है, लेकिन गुरु के प्रति श्रद्धा और विश्वास आज भी पहले की तरह अटूट है। दूर-दराज़ के श्रद्धालु भी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आध्यात्मिक रूप से जुड़कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिष्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से दीपक अग्रवाल, बस्की सोनकर, संजय अग्रवाल, सुमित श्रीवास्तव, अजीत सिंह, दीपू सिंह, अनुज मिश्रा, आदित्य एवं सुभाष सोनकर सहित वाराणसी के अनेक गणमान्य नागरिकों ने उपस्थित होकर पंडित धीरज उपाध्याय का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान गुरु वंदना, पूजन और आध्यात्मिक संवाद का वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने गुरु के प्रति अपनी आस्था और समर्पण व्यक्त किया।

