LIC में नई भर्ती और निजीकरण के खिलाफ संघर्ष का ऐलान, वाराणसी में यूनियन की बड़ी बैठक

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वाराणसी। एलआईसी यूनियन नार्थ सेंट्रल ज़ोन इंश्योरेंस एंप्लॉइज फेडरेशन (NCZIEF) की विस्तारित सचिव मंडल बैठक में नई भर्ती सुनिश्चित कराने और निजीकरण के खिलाफ संघर्ष तेज करने का ऐलान किया गया। बैठक में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से आए प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों के अधिकार, वेतन वृद्धि और कार्य व्यवस्था सुधार जैसे मुद्दों पर जोरदार चर्चा की।

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75 प्रतिनिधियों ने भाग लेकर रखे अपने विचार
शनिवार, 28 मार्च 2026 को भेलूपुर स्थित एलआईसी मंडल कार्यालय के स्पोर्ट्स क्लब हॉल में आयोजित इस बैठक में करीब 75 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी ने संगठन को मजबूत बनाने और कर्मचारियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने पर अपने विचार साझा किए।

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2026 को ‘नई भर्ती वर्ष’ बनाने का निर्णय
बैठक का शुभारंभ प्रदेश महामंत्री राजीव निगम के उद्घाटन भाषण से हुआ। उन्होंने कहा कि एलआईसी में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए वर्ष 2026 को “नई भर्ती वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। खासतौर पर क्लास थ्री और फोर श्रेणी में नई भर्तियां कराने के लिए यूनियन लगातार प्रयास कर रही है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।

निजीकरण और एफडीआई के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान
राजीव निगम ने एलआईसी में वेतन वृद्धि, आईपीओ, एफडीआई और निजीकरण के दौर में कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत रखते हुए ही कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित रखे जा सकते हैं।

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आधुनिक कार्यालय व्यवस्था पर भी दिया जोर
बैठक में एलआईसी कार्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और कार्य व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने कहा कि कर्मचारियों को बेहतर माहौल और सुविधाएं मिलनी चाहिए, जिससे कार्यक्षमता में वृद्धि हो सके।

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संगठन की मजबूती ही कर्मचारियों की ताकत: अध्यक्ष
बैठक की अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष कामरेड संजीव शर्मा ने कहा कि संगठन की मजबूती ही कर्मचारियों के हितों की रक्षा का आधार है। उन्होंने सभी सदस्यों को संगठन के प्रति समर्पित रहने और कर्मचारियों की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए प्रेरित किया।

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आगामी रणनीति और आंदोलन पर बनी रूपरेखा
बैठक में भविष्य की रणनीतियों और संभावित आंदोलनों की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से आए पदाधिकारियों ने संगठनात्मक एकता और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर अपने सुझाव दिए।

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अध्यक्ष नारायण चटर्जी का बयान
अध्यक्ष नारायण चटर्जी ने कहा कि एलआईसी देश की सबसे बड़ी बीमा संस्था है और इसमें कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नई भर्तियां सुनिश्चित कराने, बेहतर वेतन और सुविधाएं दिलाने तथा निजीकरण जैसी नीतियों से कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संगठन लगातार संघर्ष करता रहेगा।

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कई पदाधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में संजीव शर्मा, राजीव निगम, राकेश कन्नौजिया, रूबी निगम, गीता शान्त, रवि चतुर्वेदी, आलोक तिवारी, ललित शर्मा, अरविंद सेवक, सुमंत कुमार, मनोज गुप्ता, अजय सिंह, संतोष विश्वकर्मा, नंद लाल शर्मा, नारायण चटर्जी, मनोज कुमार, रूपेश पांडेय, अविनाश मिश्रा और पंकज गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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