नवनीता कुंवर पब्लिक स्कूल में रक्षाबंधन की धूम, बच्चों ने बांधा प्रेम और सुरक्षा का रक्षासूत्र
वाराणसी। सुसुवाही स्थित नवनीता कुंवर पब्लिक स्कूल में रक्षाबंधन का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आपसी जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर पर्व की खुशियां साझा कीं।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. दिवाकर राय को छात्राओं द्वारा राखी बांधकर की गई। छात्राओं ने प्रधानाचार्य को रक्षासूत्र बांधा और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद नर्सरी विभाग के बच्चों ने रक्षाबंधन उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया। छोटी बच्चियों ने अपने सहपाठी भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी और उनकी कलाई पर राखी बांधी।

राखी बांधने के बाद भाई छात्रों ने भी अपनी बहनों के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए उन्हें टॉफियां और चॉकलेट उपहार में दीं। बच्चों के बीच इस दौरान खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिसर में रक्षाबंधन के पारंपरिक गीतों और बच्चों की चहक से माहौल उत्सवमय बना रहा। विद्यालय की अन्य कक्षाओं की छात्राओं ने भी अपने सहपाठी छात्रों की कलाई पर राखी बांधी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यार्थियों ने इस अवसर को रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा। बच्चों ने आकर्षक ग्रीटिंग कार्ड तैयार किए और उन्हें अपनी बहनों को भेंट किया।

रक्षाबंधन की थीम पर विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगी पेंटिंग और कविताएं भी प्रस्तुत कीं। बच्चों की कलात्मक प्रतिभा और उत्साह ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। विद्यालय परिसर में जगह-जगह विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग और ग्रीटिंग कार्ड आकर्षण का केंद्र रहे।

इस अवसर पर बच्चों को आशीर्वाद देते हुए प्रधानाचार्य डॉ. दिवाकर राय ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक दिन मनाया जाने वाला त्योहार नहीं, बल्कि मानवीय भावनाओं को अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि कलाई पर बांधा जाने वाला रक्षासूत्र महज एक धागा नहीं है, बल्कि यह प्रेम, कर्तव्य और जिम्मेदारी का प्रतीक है।

उन्होंने विद्यार्थियों से समाज की सभी महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सम्मान की भावना रखने तथा उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए संवेदनशील बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व बच्चों में आपसी प्रेम, सम्मान, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाया। रक्षाबंधन समारोह ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों से जोड़ने के साथ भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।

