बरेका में उत्साह के साथ मनाया गया राष्ट्रीय खेल दिवस, मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि, प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस उत्साह और खेल भावना के साथ मनाया गया। महाप्रबंधक आशुतोष पंत के दिशा-निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने खेलों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस वर्ष के संदेश “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” और “एक घंटा खेल के मैदान में” को केंद्र में रखते हुए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बरेका के कुश्ती केंद्र में हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के तैलचित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित अधिकारियों और खिलाड़ियों ने मेजर ध्यानचंद के खेल जीवन, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र के प्रति योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बरेका खेल संघ की ओर से कुश्ती, बैडमिंटन, बास्केटबॉल समेत विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया। मैदान पर खिलाड़ियों की ऊर्जा, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ने आयोजन को खास बना दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अभिकल्प इंजीनियर, विद्युत एवं पदेन महासचिव, बरेका खेल संघ अनुराग गुप्ता, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर, टूलिंग मॉड एवं सचिव, कुश्ती, बरेका खेल संघ राजेश कुमार, जन संपर्क अधिकारी एवं सचिव, बास्केटबॉल, बरेका खेल संघ राजेश कुमार सहित खेल संघ से जुड़े प्रशिक्षक और खिलाड़ी मौजूद रहे।
बरेका खेल संघ के अनुसार राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित गतिविधियों का उद्देश्य खिलाड़ियों के साथ-साथ अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित खेल एवं शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना है। इसके माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, टीम भावना, अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

प्रतिभागियों ने “एक घंटा खेल के मैदान में” के संदेश के साथ खेलों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। आयोजकों के अनुसार नियमित खेल गतिविधियां शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक सक्रियता और कार्यक्षमता बढ़ाने में भी सहायक होती हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन बरेका में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक पहल के रूप में सामने आया। आयोजन के दौरान खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के जरिए मेजर ध्यानचंद की खेल भावना और समर्पण को याद किया।

