मानसून से पहले नगर निगम अलर्ट, 386 में 364 नाले हुए साफ, खुले मेनहोल मिले तो नपेंगे अफसर
वाराणसी। मानसून के आगमन से पहले शहर को जलभराव की समस्या से बचाने के लिए नगर निगम ने नाला सफाई अभियान को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। नगर निगम के अनुसार शहर के कुल 386 छोटे-बड़े नालों में से 364 नालों की सिल्ट (गाद) सफाई पूरी कर ली गई है, जबकि शेष 22 नालों की सफाई अगले तीन दिनों में हर हाल में पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
नगर निगम ने पहले नालों की सफाई का लक्ष्य 15 जून तक निर्धारित किया था, लेकिन कुछ स्थानों पर कार्य अधूरा रहने के कारण इसकी समय-सीमा बढ़ाकर 30 जून कर दी गई। अब अंतिम चरण में तेजी से गाद निकासी और तली झाड़ सफाई का कार्य कराया जा रहा है, ताकि बारिश शुरू होने से पहले जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त हो सके।

शहर में नाला सफाई का कार्य दो विभागों के माध्यम से कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मे 258 छोटे एवं मध्यम आकार के नालों की सफाई है, जबकि सामान्य अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) विभाग 128 बड़े नालों की सफाई करा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 97 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है और करीब 250 नालों की तली तक सफाई कराई जा चुकी है, जिससे बरसात के दौरान पानी का प्रवाह बाधित न हो।
नगर निगम के अनुसार ककरमत्ता, भेलूपुर, पांडेयपुर, आदमपुर, सिगरा, नारायणपुर, नेवादा, भगवानपुर, लेढ़पुर, अलईपुरा, लोहता, लहरतारा, सारनाथ, नदेसर, जेतपुरा, कंदवा, सुसवाही और हुकुलगंज समेत शहर के अधिकांश प्रमुख क्षेत्रों में नालों की सफाई पूरी कर ली गई है। इन स्थानों पर गाद हटाने के साथ नालों की तली की भी सफाई कराई गई है।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मानसून के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जलकल विभाग, नगर निगम के मुख्य अभियंताओं और नगर स्वास्थ्य अधिकारी से कहा है कि किसी भी सड़क पर खुला या क्षतिग्रस्त मैनहोल अथवा गली पिट नहीं रहना चाहिए। यदि जलभराव के दौरान किसी खुले मैनहोल या क्षतिग्रस्त ढक्कन के कारण दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा नगर निगम ने उन क्षेत्रों की पहचान भी कर ली है, जहां हर वर्ष जलभराव की समस्या अधिक होती है। ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी, अतिरिक्त पंपिंग व्यवस्था और त्वरित जल निकासी के लिए अलग टीमें तैनात की जाएंगी। नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे नालों में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक या निर्माण सामग्री न फेंकें, ताकि बारिश के दौरान जल निकासी बाधित न हो और शहर को जलभराव से बचाया जा सके।

