मिशन शक्ति फेज-6.0: बाजारों से स्कूल-कॉलेजों तक पहुंची पुलिस, महिलाओं-बालिकाओं को बताए सुरक्षा के उपाय
गोमती जोन के सभी थानों की एंटी रोमियो टीमों ने चलाया जागरूकता अभियान, 1090, 112 और 1930 समेत हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
वाराणसी। शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत गोमती जोन में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। सोमवार, 12 अक्टूबर को पुलिस उपायुक्त और अपर पुलिस उपायुक्त, गोमती जोन के निर्देशन में सभी थानों की एंटी रोमियो एवं मिशन शक्ति टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने प्रमुख बाजारों, कस्बों, चौराहों, स्कूल-कॉलेजों, धार्मिक स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भ्रमण किया। इस दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को नारी सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के प्रति जागरूक करते हुए किसी भी तरह की परेशानी या असुरक्षा की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।

सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
पुलिस टीमों ने महिला सशक्तिकरण और कल्याण के लिए संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, वन स्टॉप सेंटर और आयुष्मान योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इसका उद्देश्य पात्र महिलाओं और बालिकाओं को योजनाओं का लाभ उठाने के प्रति जागरूक करना रहा।
हेल्पलाइन नंबरों के पंपलेट बांटे
अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को आपात स्थिति में सहायता के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर बताए गए। इनमें वूमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102, एंबुलेंस सेवा 108 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। पुलिस टीमों ने संबंधित नंबरों के पंपलेट भी वितरित किए। इसके साथ ही मोबाइल फोन से आपातकालीन कॉल करने, पैनिक बटन का उपयोग करने, साइबर अपराध से बचने और महिला संबंधी कानूनों के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत करना और उन्हें अपने अधिकारों तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक बनाना है। अभियान के माध्यम से जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

