मिर्जामुराद पुलिस की कार्रवाई, लूट का मोबाइल और बाइक समेत एक बाल अपचारी सहित दो गिरफ्तार
वाराणसी। गोमती ज़ोन की मिर्जामुराद थाना पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए लूट के मोबाइल फोन के साथ एक बाल अपचारी सहित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लूटा गया एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किया है। यह कार्रवाई 12 जनवरी 2026 को रखौना अंडरपास के पास संदिग्ध व्यक्ति और वाहन चेकिंग के दौरान की गई।
मोबाइल झपटमारी की घटना का खुलासा
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों में आलोक कुमार पुत्र बाबूलाल, निवासी ग्राम काशीपुर देउरा, थाना राजातालाब, उम्र लगभग 20 वर्ष शामिल है, जबकि दूसरा आरोपी एक बाल अपचारी है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर 4 जनवरी 2026 को मोबाइल झपटमारी की वारदात को अंजाम दिया था।
सदगुरु रेस्टोरेंट के पास दिया गया था वारदात को अंजाम
वादी द्वारा थाना मिर्जामुराद में दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, वह 4 जनवरी को राजातालाब से अपने घर भीखारीपुर जा रहा था। इसी दौरान सदगुरु रेस्टोरेंट के पास मोबाइल पर बात करते समय बाइक सवार तीन युवकों ने झपट्टा मारकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया और रिंग रोड की ओर फरार हो गए।
गूगल-पे से निकाली गई रकम
पीड़ित का मोबाइल फोन लॉक न होने के कारण आरोपियों ने उसके गूगल-पे खाते से धनराशि निकाल ली। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मोबाइल से कुल 7,000 रुपये की ऑनलाइन निकासी की थी। इस रकम में से 500-500 रुपये आपस में बांट लिए गए, जबकि शेष रकम उनके तीसरे साथी ने अपने पास रख ली थी।
पूछताछ में कबूल की वारदात
पुलिस पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने साथी साहिल उर्फ वीरू के साथ मिलकर यह वारदात की थी। साहिल उर्फ वीरू ने मोबाइल को बेचने के बाद बाकी रकम देने की बात कही थी। गिरफ्तार अभियुक्त आलोक कुमार उसी से मिलने जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे धर दबोचा।
मुकदमे में बढ़ी धाराएं, तलाश जारी
इस मामले में पहले से दर्ज मुकदमा संख्या 0012/2026, धारा 304(2) बीएनएस के तहत पंजीकृत है। गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद पुलिस ने अभियोग में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी कर दी है। घटना में शामिल फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं।
पुलिस की सतर्कता से मिली सफलता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत लगातार चेकिंग और सतर्कता के कारण ही इस लूटकांड का खुलासा संभव हो सका। आगे भी अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

