काशी विश्वनाथ धाम में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, श्रद्धालुओं को बांटे कपड़े के थैले

WhatsApp Channel Join Now

नमामि गंगे की पहल, सिंगल यूज पॉलिथीन छोड़ने और गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने की अपील

त्योहारों पर आस्था के साथ प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान, कपड़े-जूट के थैले और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने पर जोर

वाराणसी। त्योहारों पर आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने के उद्देश्य से नमामि गंगे की ओर से बुधवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच कपड़े के थैले वितरित कर सिंगल यूज पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई। स्वयंसेवकों ने लोगों को मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने के साथ गंगा एवं उसकी सहायक नदियों को प्लास्टिक प्रदूषण से बचाने के प्रति जागरूक किया।

कपड़े के थैले अपनाएं, पॉलिथीन से बनाएं दूरी
अभियान के दौरान नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं से संवाद कर उन्हें प्लास्टिक से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। बताया गया कि इस्तेमाल के बाद फेंकी जाने वाली प्लास्टिक की थैलियां और अन्य वस्तुएं नालियों के साथ जलस्रोतों और नदियों तक पहुंचकर प्रदूषण बढ़ाती हैं। इससे जलीय जीवों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लोगों से दैनिक जीवन में कपड़े और जूट के थैलों के साथ बांस की डलिया तथा स्टील के बर्तनों जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की गई।

123

नदियों को स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियां जीवनदायिनी हैं। इन्हें स्वच्छ और निर्मल बनाए रखना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। त्योहारों पर पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों के साथ प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेना भी जरूरी है। नदियां माता के समान हमारा पालन-पोषण करती हैं, इसलिए उन्हें पॉलिथीन और अन्य कचरे से बचाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ का धाम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां आने वाले श्रद्धालु यदि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं तो इसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सिंगल यूज पॉलिथीन छोड़कर कपड़े या जूट के थैले अपनाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

जनभागीदारी से स्वच्छता का संदेश
अभियान के माध्यम से लोगों को कचरा निर्धारित स्थानों पर डालने, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजकों ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना भी सच्ची पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नमामि गंगे ने श्रद्धालुओं से स्वयं प्लास्टिक का उपयोग कम करने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की, ताकि काशी के धार्मिक स्थलों की पवित्रता के साथ गंगा की स्वच्छता भी बरकरार रहे।

BK Pathak
BK Pathak

21463 Articles

Beerkeshwar Pathak Journalist Beerkeshwar Pathak, who entered the field of journalism in 2015, has nearly a decade of experience in print and digital media. He holds a postgraduate diploma in journalism and has established his reputation through reporting at prestigious media outlets like Amar Ujala, Hindustan, and Dainik Jagran. He has a special interest and expertise in reporting on political and social issues, news analysis, and editing, along with eventful news. He currently serves as an editor at Live VNS, a leading digital news platform in Varanasi. In this role, he is contributing to reshaping digital journalism and delivering important information to readers through factual and reliable news. Factual investigation of news and effective editing are key aspects of his journalism.

Share this story