काशी के गंगा तट पर विश्व शांति के लिए महायज्ञ: उथल-पुथल भरे दौर में शांति की कामना
वाराणसी। काशी के पवित्र गंगा तट पर विश्व शांति और जनकल्याण के लिए विशेष महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। सामने घाट स्थित पं. सीताराम घाट के पास श्री रामेश्वर मनोकामना मंदिर में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। विद्वान ब्राह्मणों द्वारा किए जाने वाले इस महायज्ञ में काशीवासियों से बढ़-चढ़कर शामिल होने का आह्वान किया गया है।

गंगा तट से उठेगी शांति की प्रार्थना
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए श्रीकुल पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. सचिंद्रनाथ महाराज, महंत आनंद भैरव महाराज और डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में विश्वभर में अशांति और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में काशी के घाटों पर महायज्ञ के माध्यम से शांति और सद्भाव की कामना की जाएगी।
तीन चरणों में होगा महायज्ञ
आयोजकों के अनुसार काशी में कुल तीन महायज्ञ आयोजित किए जाएंगे। पहला अनुष्ठान सामने घाट स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर पर गंगा किनारे किया जाएगा। इसके बाद दूसरा आयोजन अस्सी घाट पर होगा। इन सभी अनुष्ठानों का उद्देश्य विश्व में शांति स्थापित करना और मानव के मन को शीतलता प्रदान करना है।
मानव मन की शांति के लिए विशेष हवन
डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि आज के समय में चारों दिशाओं में अस्थिरता और तनाव का माहौल है। इस महायज्ञ के जरिए ईश्वर से प्रार्थना की जाएगी कि मानव के मन को शांति मिले और विश्व में व्याप्त उथल-पुथल समाप्त हो। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक संतुलन की दिशा में एक प्रयास है।

धर्म और सद्भाव का संदेश
महंत आनंद भैरव महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में काम, क्रोध, मद और लोभ जैसी प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं। ऐसे में काशी की परंपरा के अनुसार धर्म, सद्भाव और विश्व कल्याण के संदेश को मजबूत करने के लिए यह महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है।
काशीवासियों से सहभागिता की अपील
आयोजकों ने काशीवासियों से अपील की है कि वे इस महायज्ञ में शामिल होकर विश्व शांति की प्रार्थना करें। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयास से ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और समाज में शांति स्थापित होगी।
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