काशी के करघे की गूंज पहुंची ग्लोबल बाजार तक, यूपीआईटीएस-2026 में हस्तनिर्मित वस्त्रों की बढ़ी मांग

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 जापान, वियतनाम और नेपाल से रेशमी ब्रोकेड स्कार्फ, कस्टमाइज्ड ड्रेस और होम फर्निशिंग उत्पादों के लिए हुआ प्रस्तावित एमओयू

65 बी2बी बैठकों में 15 घरेलू और 50 अंतरराष्ट्रीय खरीदार हुए शामिल, कारोबार को मिला नया आयाम: शिवम आर्ट्स एक्सपोर्ट

वाराणसी/ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर। काशी के करघों पर रेशमी धागों से बुने हस्तनिर्मित वस्त्रों की चमक उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में खरीदारों को आकर्षित कर रही है। काशी की बुनकरी और ताने-बाने की कारीगरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार के खरीदारों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। ट्रेड शो के चार दिनों के दौरान हुई बी2बी बैठकों में वाराणसी के युवा एक्सपोर्टर और शिवम आर्ट्स एक्सपोर्ट के निदेशक अभिषेक केशरी ने अपने उत्पादों, उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और निर्यात संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रस्तुत किया। जापान, वियतनाम और नेपाल जैसे देशों से रेशमी ब्रोकेड के स्कार्फ, कस्टमाइज्ड ड्रेस और होम फर्निशिंग उत्पादों के लिए प्रस्तावित ऑर्डर को लेकर एमओयू हुआ है।

65 बी2बी बैठकों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदार हुए शामिल

अभिषेक केशरी के अनुसार, यूपीआईटीएस-2026 उनके लिए एक प्रभावी कारोबारी मंच साबित हुआ है। ट्रेड शो के माध्यम से उनके उत्पादों और ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली तथा छोटे-बड़े खरीदारों से सीधे संवाद का अवसर मिला। अब तक करीब 55 से 65 खरीदारों के साथ सीधी बी2बी बैठकें हुई हैं, जिनमें 10 से 15 घरेलू और 40 से 50 अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल रहे।
उन्होंने बताया कि ट्रेड शो के दौरान 100 से अधिक सक्रिय खरीदारों से पूछताछ मिली है। इन कारोबारी मुलाकातों के माध्यम से करीब पांच लाख रुपये के प्रस्तावित ऑर्डर और एमओयू पाइपलाइन में हैं, जिन पर फॉलो-अप चल रहा है। वहीं, छह खरीदारों ने तत्काल सैंपल, कस्टमाइज्ड ऑर्डर और डिजाइन की मांग की है।कारोबारी ने बताया कि यूपीआईटीएस-2026 में स्टॉल आवंटन, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर की है। आयोजकों की ओर से प्री-शेड्यूल्ड बी2बी मीटिंग और बायर-सेलर लाउंज की सुविधा मिलने से खरीदारों के साथ बातचीत और कारोबारी संपर्क स्थापित करना आसान हुआ। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था भी व्यवस्थित रही, जिससे खरीदारों और एग्जीबिटर्स को आवागमन और बातचीत में परेशानी नहीं हुई।

यूपीआईटीएस ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का अवसर दिया

अभिषेक केशरी ने कहा कि यूपीआईटीएस-2026 ने स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने का अवसर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के साथ नेटवर्किंग का भी लाभ मिला है। उन्हें उम्मीद है कि ट्रेड शो के दौरान बने नए कारोबारी संपर्कों से आने वाले समय में बड़े ऑर्डर मिलेंगे और काशी के हस्तनिर्मित वस्त्रों का बाजार और व्यापक होगा।उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से नए उद्यम शुरू करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए मदद मिल रही है। ऐसे में युवाओं को अपनी सोच और हुनर को कारोबार का रूप देने के लिए आगे आना चाहिए।

काशी के करघे की गूंज पहुंची ग्लोबल बाजार तक, यूपीआईटीएस-2026 में हस्तनिर्मित वस्त्रों की बढ़ी मांग

तीसरी पीढ़ी की विरासत को आगे बढ़ा रहे यंग एक्सपोर्टर अभिषेक केशरी

वाराणसी के युवा एक्सपोर्टर और शिवम आर्ट्स एक्सपोर्ट के निदेशक अभिषेक केशरी अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी की कारोबारी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। यूपीआईटीएस-2026 में शिवम आर्ट्स एक्सपोर्ट की ओर से बनारस की प्रीमियम बनारसी सिल्क साड़ियां, सिल्क ब्रोकेड कुशन कवर, टेबल रनर, वॉल हैंगिंग और आकर्षक बेड कवर प्रदर्शित किए गए हैं।अभिषेक केशरी ने कहा कि युवाओं को अपना स्टार्टअप शुरू करने के बारे में जरूर सोचना चाहिए। सरकार की ओर से नए उद्यम शुरू करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए सहयोग मिल रहा है। ऐसे में युवाओं को अपनी सोच और हुनर को कारोबार में बदलने के लिए आगे आना चाहिए।

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