काशी विद्यापीठ में ‘काशी जर्नल ऑफ कॉमर्स’ का विमोचन, डिजिटल अर्थव्यवस्था पर शोध पर जोर
वाराणसी। डिजिटलाइजेशन के तेजी से बढ़ते दौर में आर्थिक गतिविधियों के क्षेत्र में उभरते नए विषयों पर शोध करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह बात Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith के कुलपति Prof. Anand Kumar Tyagi ने कही। वे शनिवार को वाणिज्य विभाग में आयोजित कार्यक्रम में ‘द काशी जर्नल ऑफ कॉमर्स’ के नए संस्करण के विमोचन अवसर पर बोल रहे थे।

डिजिटल अर्थव्यवस्था में शोध की नई दिशा
कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि आज के समय में वाणिज्य के क्षेत्र में पारंपरिक विषयों के साथ-साथ नए और उभरते क्षेत्रों पर शोध करना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी, डिजिटल करेंसी, ई-बैंकिंग, साइबर सिक्योरिटी और वर्चुअल अकाउंटिंग जैसे विषयों को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इन क्षेत्रों पर दिया विशेष जोर
उन्होंने शोधार्थियों को डिजिटल मार्केटिंग, कंप्यूटराइज्ड अकाउंटिंग, ई-रिटेलिंग, पर्यटन एवं ट्रेवल सेक्टर, फाइनेंशियल सेक्टर, मार्केटिंग स्ट्रेटजी, मानव संसाधन विकास, टैक्सेशन, मौद्रिक नीति और राजकोषीय नीति जैसे विषयों पर गहन अध्ययन करने की सलाह दी। उनका मानना है कि इन क्षेत्रों में शोध से भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
पुस्तकों का भी हुआ विमोचन
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अंकिता द्वारा लिखित ‘खंड रिपोर्टिंग प्रथाएं’ और डॉ. देवचन्द की पुस्तक ‘खुदरा परिचालन में टिकाऊ कार्य पद्धतियां’ का भी विमोचन किया गया। इन पुस्तकों को वाणिज्य क्षेत्र में उपयोगी और समसामयिक बताया गया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. अजीत कुमार शुक्ल ने जर्नल और पुस्तकों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में संकायाध्यक्ष प्रो. सुधीर कुमार शुक्ल, डॉ. धनंजय विश्वकर्मा, डॉ. आयुष कुमार सहित कई शिक्षक और शोधार्थी उपस्थित रहे।

