राजेंद्र प्रसाद घाट पर कांवड़ियों ने लिया स्वच्छ गंगा का संकल्प, "सबका साथ हो, गंगा साफ हो" का दिया संदेश

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वाराणसी। सावन माह में शिवभक्ति के उत्साह के बीच काशी में गंगा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी पूरे उत्साह के साथ प्रसारित किया जा रहा है। शुक्रवार को राजेंद्र प्रसाद घाट पर नमामि गंगे अभियान के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में सैकड़ों कांवड़ यात्रियों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने "सबका साथ हो, गंगा साफ हो" का उद्घोष करते हुए मां गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम का आयोजन नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने स्वच्छता से जुड़े संदेश लिखी तख्तियां हाथों में लेकर लोगों को गंगा संरक्षण और पर्यावरण बचाने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

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राजेश शुक्ला ने कहा कि मां गंगा भारतीय संस्कृति, आस्था और जीवन का अभिन्न आधार हैं। गंगा को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखना केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद प्लास्टिक, कचरा अथवा अन्य प्रदूषण फैलाने वाली सामग्री गंगा में प्रवाहित न करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल आचरण अपनाकर ही गंगा की निर्मलता और जलीय पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखा जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों को स्वच्छ गंगा की शपथ दिलाई गई। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं भी गंगा में गंदगी नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। कांवड़ यात्रियों ने कहा कि वे अपनी यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर लोगों को गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त जीवन का संदेश देंगे। उनका मानना है कि भगवान शिव की सच्ची आराधना तभी सार्थक होगी, जब प्रकृति और नदियों के संरक्षण को भी जीवन का हिस्सा बनाया जाए।

इस अवसर पर अजय गुप्ता, सुनील कुमार, सुरेंद्र राजभर, भोले, विवेक सहित बड़ी संख्या में गंगा सेवक, स्वयंसेवक, कांवड़ यात्री और श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक शपथ और गंगा स्वच्छता के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने गंगा को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए निरंतर जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया।

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