सेवापुरी में महिला श्रमिकों की जनचौपाल, सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

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25 गांवों की करीब 250 महिलाओं ने लिया हिस्सा, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य और रोजगार योजनाओं पर हुआ संवाद

वाराणसी। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिला श्रमिकों को सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों की जानकारी देने के उद्देश्य से सेवापुरी ब्लॉक सभागार में जन चौपाल का आयोजन किया गया। आशा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विकासखंड के 25 गांवों से करीब 250 महिला श्रमिकों ने भाग लिया। इस दौरान महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा, श्रमिक पंजीकरण, पेंशन, स्वास्थ्य, रोजगार और महिला एवं परिवार कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।

जनचौपाल के मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी सेवापुरी शिव नारायण सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, आवास, पेंशन और स्वास्थ्य समेत विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने पात्र श्रमिकों से योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर नियमानुसार आवेदन करने और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की।

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महिलाओं ने पूछे आवेदन प्रक्रिया से जुड़े सवाल
कार्यक्रम के दौरान महिला श्रमिकों को जी राम जी कानून, श्रमिक पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, रोजगार तथा महिला एवं परिवार कल्याण से संबंधित योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रतिभागी महिलाओं ने योजनाओं का लाभ लेने में आने वाली दिक्कतों और आवेदन प्रक्रिया से जुड़े सवाल अधिकारियों के समक्ष रखे। अधिकारियों और आयोजकों ने महिलाओं की समस्याएं सुनकर उन्हें आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन दिया।

जनचौपाल में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं असंगठित क्षेत्र में काम करती हैं, लेकिन योजनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण कई बार वे सरकारी सुविधाओं से वंचित रह जाती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 

कार्यक्रम के दौरान आशा ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने खंड विकास अधिकारी शिव नारायण सिंह को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुष्पा, नगीना, ज्योति, प्रभावती, सुषमा, रीता, उर्मिला, मीरा, संगीता, आशा, सोनी, अनीता, रामबचन समेत विभिन्न गांवों से आई महिला श्रमिकों ने सक्रिय भागीदारी की।

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