आईआईटी–बीएचयू में नव-नियुक्त फैकल्टी मेम्बर्स के लिए इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित
वाराणसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी–बीएचयू) में नव-नियुक्त संकाय सदस्यों के लिए एक विशेष इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देव एवं वर्धना गोस्वामी व्याख्यान कक्ष परिसर में, वास्तुकला, नियोजन एवं अभिकल्प विभाग के पीछे आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नव-नियुक्त संकाय सदस्यों को संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था, शैक्षणिक ढांचे, अनुसंधान प्रणाली तथा उपलब्ध सुविधाओं और लाभों से अवगत कराना था। इसमें विभिन्न विभागों और विद्यालयों से आए लगभग 45 नव-नियुक्त संकाय सदस्यों ने सहभागिता की।
निदेशक और डीन स्तर के अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मंच पर संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा, डीन (शैक्षणिक कार्य) प्रो. देवेंद्र सिंह, डीन (संकाय कार्य) प्रो. एन. के. मुखोपाध्याय, डीन (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. राजेश कुमार तथा एसोसिएट डीन (संकाय कार्य) प्रो. चंदना रथ उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त एसोसिएट डीन (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. आभा मिश्रा, एसोसिएट डीन (शैक्षणिक कार्य–स्नातकोत्तर) प्रो. कौशिक चट्टोपाध्याय, एसोसिएट डीन (शैक्षणिक कार्य–स्नातक) प्रो. इंद्रजीत सिन्हा तथा एसोसिएट डीन (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. प्रदीप पाइक ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

संकाय पुस्तिका, पदोन्नति और CPDA पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो. चंदना रथ ने नव-नियुक्त संकाय सदस्यों का स्वागत करते हुए इंडक्शन प्रोग्राम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संकाय पुस्तिका (Faculty Handbook), पदोन्नति के लिए मात्रात्मक मूल्यांकन मानदंड, संचयी व्यावसायिक विकास भत्ता (CPDA), पीयर रिव्यू प्रक्रिया और संस्थान की समग्र संरचना की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने निदेशक को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया।
निदेशक ने बताई संकाय से जुड़ी अपेक्षाएँ
निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने सभी नव-नियुक्त संकाय सदस्यों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए संस्थान से जुड़ने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आईआईटी–बीएचयू में संकाय की भूमिका केवल शिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने मूल्य-आधारित शिक्षा और वैश्विक स्तर की शोध संस्कृति को आगे बढ़ाने पर बल दिया।
शैक्षणिक और अनुसंधान व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा
डीन (संकाय कार्य) ने CPDA के उपयोग, उच्च संकाय पदों के लिए पात्रता मानदंड, अवकाश सुविधाओं, समार्थ पोर्टल और संकाय कार्य इकाई की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। वहीं डीन (शैक्षणिक कार्य) ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर अध्यादेश, पाठ्यक्रम नियोजन, शैक्षणिक कैलेंडर और परीक्षा प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला। डीन (अनुसंधान एवं विकास) ने अनुसंधान परियोजनाओं, अनुदान, पेटेंट, एमओयू और अनुसंधान एवं विकास अनुभाग की कार्यप्रणाली का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।

संवादात्मक सत्र में उठे व्यावहारिक प्रश्न
कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवादात्मक सत्र में नव-नियुक्त संकाय सदस्यों ने अवकाश, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, उद्योग सहयोग और नई परियोजनाओं के वित्तपोषण से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका संबंधित अधिकारियों ने विस्तार से उत्तर दिया।
संस्थान की दृष्टि से जुड़ने में सहायक रहा कार्यक्रम
यह इंडक्शन प्रोग्राम नव-नियुक्त संकाय सदस्यों के लिए संस्थान की दृष्टि, शैक्षणिक संस्कृति और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा में उत्कृष्टता के लक्ष्य को समझने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के अंत में प्रो. चंदना रथ ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

