IIT BHU के नए निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा ने संभाला कार्यभार, पांच वर्ष तक पद पर रहेंगे  

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वाराणसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी (IIT BHU) के नवनियुक्त निदेशक के रूप में आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अमित पात्रा (Professor Amit patra) ने गुरुवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। वे अगले पांच साल तक अपने पद पर बने रहेंगे। 

संस्थान के कुलसचिव (इनचार्ज) राजन श्रीवास्तव समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों ने नवागत निदेशक को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। उसके बाद प्रोफेसर अमित पात्रा ने मालवीय जी की प्रतिमा को नमन किया और निदेशक कार्यालय पहुंचे। निवर्तमान निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन ने उनका स्वागत करते हुए निदेशक पद का कार्यभार सौंपा। प्रोफेसर अमित पात्रा अगले पांच वर्षों तक संस्थान के निदेशक रहेंगे।  

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शाम को नवनियुक्त निदेशक ने संस्थान के सभी अधिष्ठाता, विभागाध्यक्षों, समन्वयकों एवं अन्य अधिकारियों संग बैठक की। इस अवसर पर अधिष्ठाता रिसर्च एवं डेवलेपमेंट, प्रोफेसर विकाश कुमार दूबे, अधिष्ठाता फैकल्टी अफेयर्स, प्रोफेसर रजनीश त्यागी, अधिष्ठाता एकेडमिक अफेयर्स, प्रोफेसर श्याम बिहारी द्विवेदी, अधिष्ठाता स्टूडेंट अफेयर्स प्रोफेसर राजेश कुमार उपाध्याय एवं अधिष्ठाता पुरा छात्र प्रोफेसर हीरालाल प्रमाणिक समेत सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, समन्वयक आदि उपस्थित रहे। 

जानिये कौन हैं प्रोफेसर अमित पात्रा 
प्रोफेसर अमित पात्रा ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर से बीटेक (B.TEC), एमटेक (M.TEC). और पीएचडी (Phd) की उपाधि क्रमशः 1984, 1986 और 1990 में प्राप्त की। 1992-93 के दौरान और 2000 में उन्होंने अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट फाउंडेशन (Alexender bon hambolt foundation) के पोस्ट-डॉक्टरल फेलो के रूप में रुहर-यूनिवर्सिटी, बोचुम, जर्मनी (Germany) का दौरा किया। 1987 में प्रोफेसर पात्रा एक संकाय सदस्य के रूप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में नियुक्त हुए और वर्तमान में उच्च शैक्षणिक ग्रेड वेतन में प्रोफेसर हैं। उन्होंने 2003 में जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अटलांटा और 2016 में यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड, कॉलेज पार्क का दौरा किया। 

प्रोफेसर अमित पात्रा ने 2004-07 के दौरान आईआईटी खड़गपुर में एडवांस्ड वीएलएसआई डिजाइन लैब के प्रोफेसर इन-चार्ज थे। 2007 और 2013 के बीच उन्होंने आईआईटी खड़गपुर में डीन (पूर्व छात्र मामले और अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के रूप में कार्य किया। उन्होंने 2020-21 के दौरान राजारहाट, कोलकाता में आईआईटी खड़गपुर रिसर्च पार्क के प्रभारी प्रोफेसर के रूप में कार्य किया और 2021 और 2024 के बीच आईआईटी खड़गपुर के उप निदेशक थे। उनकी वर्तमान अनुसंधान रुचियों में पावर प्रबंधन सर्किट, मिश्रित-सिग्नल वीएलएसआई डिजाइन, फॉल्ट डायग्नोस्टिक्स, प्रोग्नॉस्टिक्स और एम्बेडेड कंट्रोल सिस्टम शामिल हैं।

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