आईआईटी (बीएचयू) के प्रोफेसर का फ्रांस में चयन, न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग पर करेंगे वैश्विक शोध

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए आईआईटी (बीएचयू) के इलेक्ट्रॉनिक्स अभियांत्रिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिवम वर्मा का चयन फ्रांस के प्रतिष्ठित विजिटिंग स्कॉलर्स प्रोग्राम 2026 के लिए हुआ है। यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी ऑफ बॉरदॉ द्वारा संचालित है और फ्रांस सरकार की महत्वाकांक्षी ‘फ्रांस 2030’ पहल के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।

डॉ. वर्मा का चयन उनके उत्कृष्ट शोध कार्य और नवाचार क्षमता के आधार पर किया गया है। उनका प्रस्तावित शोध विषय “न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग अनुप्रयोगों के लिए फेरेइलेक्ट्रिक FET डिवाइसेस का उन्नत कॉम्पैक्ट मॉडलिंग एवं बेंचमार्किंग” है। यह शोध अगली पीढ़ी के सेमीकंडक्टर उपकरणों के विकास पर केंद्रित है, जो कंप्यूटिंग सिस्टम को अधिक ऊर्जा-कुशल और तेज बनाने में सहायक होंगे। न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जो मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली से प्रेरित तकनीकों के विकास पर आधारित है।

इस अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजना के अंतर्गत डॉ. वर्मा फ्रांस में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ बॉरदॉ की IMS प्रयोगशाला में कार्य करेंगे। यहां वे माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम डिजाइन की विशेषज्ञ प्रो. क्रिस्टेल मानेक्स के साथ सहयोग करेंगे। यह प्रयोगशाला यूरोप के प्रमुख अनुसंधान केंद्रों में से एक मानी जाती है। कार्यक्रम के तहत डॉ. वर्मा 1 मई से 31 जुलाई 2027 तक बॉरदॉ में “प्रोफेसर इनविते” (विजिटिंग प्रोफेसर) के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। इस दौरान वे न केवल अपने शोध को आगे बढ़ाएंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान और तकनीकी आदान-प्रदान को भी मजबूत करेंगे।

संस्थान के लिए यह उपलब्धि गौरव का विषय है, जो उसकी वैश्विक पहचान को और सुदृढ़ करती है। साथ ही, यह भारत और फ्रांस के बीच शैक्षणिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। संस्थान परिवार ने डॉ. वर्मा को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

Share this story