“मुझे समाजवादी ब्राह्मण होने का गर्व है, PDA पंचांग का खुला समर्थन करता हूं” : पं. संजय मिश्रा

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। समाजवादी पार्टी के प्रदेश विशेष आमंत्रित सदस्य और जिला पंचायत वाराणसी के पूर्व अध्यक्ष पं. संजय मिश्रा ने कहा कि उन्हें समाजवादी ब्राह्मण होने पर गर्व है और वह समाजवादी पार्टी के PDA पंचांग का पूरी मजबूती के साथ समर्थन करते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जितना सम्मान समाजवादी पार्टी में ब्राह्मण समाज को मिला है, उतना किसी अन्य राजनीतिक दल में नहीं मिला।

PDA पंचांग को घर-घर पहुंचाने की अपील
शनिवार को गोलघर स्थित पराड़कर भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पं. संजय मिश्रा ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा विमोचित PDA पंचांग समाज के हर वर्ग को जोड़ने वाला दस्तावेज़ है। उन्होंने कहा कि इस पंचांग में किसी भी महापुरुष, पर्व-त्योहार, ग्रह-नक्षत्र या ऐतिहासिक दिवस को हटाया नहीं गया है, बल्कि समाज को दिशा देने वाले महापुरुषों को जोड़ने का कार्य किया गया है।

a

नई पीढ़ी को महापुरुषों से जोड़ने का प्रयास
पं. संजय मिश्रा ने कहा कि PDA पंचांग में उन महापुरुषों के नाम, चित्र, जयंती और पुण्यतिथि शामिल की गई है, जिन्होंने देश की आज़ादी, सामाजिक परिवर्तन और जनचेतना के लिए अपना जीवन समर्पित किया। इससे नई पीढ़ी को अपने समाज के संघर्षशील नायकों को जानने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।

समाजवादी पार्टी में ब्राह्मणों का ऐतिहासिक सम्मान
उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा के प्रणेता पंडित जनेश्वर मिश्र और पूर्व सांसद पंडित वृजभूषण तिवारी जैसे ब्राह्मण नेता समाजवादी पार्टी की स्थापना के मूल स्तंभ रहे हैं। पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने हमेशा ब्राह्मण समाज को सम्मान दिया और सरकार में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपीं।

ब्राह्मण समाज के हित में लिए गए फैसलों का उल्लेख
पं. संजय मिश्रा ने कहा कि नेताजी ने पंडित जनेश्वर मिश्र के नाम पर लखनऊ में एशिया का सबसे बड़ा पार्क बनवाया, संस्कृत शिक्षकों की भर्ती कराई और संस्कृत विद्यालयों को अनुदान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने इन भर्तियों को रोक दिया और अनुदान भी बंद कर दिया है।

अखिलेश यादव ने विपक्ष में रहते हुए भी सम्मान दिया
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नेता प्रतिपक्ष रहते हुए ब्राह्मण समाज के गौरव माता प्रसाद पाण्डेय को उत्तर प्रदेश विधानसभा में सम्मानित स्थान दिया, जो पार्टी की समावेशी सोच को दर्शाता है।

मेरे राजनीतिक जीवन में समाजवादी पार्टी का योगदान
अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए पं. संजय मिश्रा ने कहा कि वह एक सामान्य शिक्षक परिवार से आते हैं। समाजवादी पार्टी और नेताजी के आशीर्वाद से उन्हें तीन बार ग्राम प्रधान, दो बार जिला पंचायत सदस्य और अखिलेश यादव के कार्यकाल में जिला पंचायत वाराणसी का अध्यक्ष बनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि उनका परिवार इसके लिए आजीवन समाजवादी पार्टी का ऋणी रहेगा।

भाजपा की राजनीति से ब्राह्मण समाज को सावधान रहने की अपील
उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल ब्राह्मण समाज को गुमराह कर आपसी भाईचारे में नफरत की दीवार खड़ी कर रहे हैं। विकास और जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाकर हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद और भारत-पाकिस्तान जैसे विषयों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने ब्राह्मण समाज से ऐसी राजनीति से सावधान रहने की अपील की।

2027 में समाजवादी सरकार बनाने का आह्वान
पं. संजय मिश्रा ने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाथों को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को जिताकर प्रदेश में फिर से समाजवादी सरकार बनानी होगी।

कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता में समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. ई. वैभव पाठक, समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष पं. अभिषेक मिश्रा (आर.डी.), जिला पंचायत सदस्य पं. सिकन्दर मिश्रा, जिला सचिव पं. गोपाल पाण्डेय और समाजवादी प्रबुद्ध सभा के पूर्व महानगर अध्यक्ष पं. आनंद प्रकाश तिवारी सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

यह पत्रकार वार्ता PDA पंचांग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच समाजवादी पार्टी की वैचारिक स्थिति और ब्राह्मण समाज के प्रति उसके दृष्टिकोण को स्पष्ट करने का प्रयास मानी जा रही है।

Share this story