हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने कबीर प्राकट्य स्थल पर किया दर्शन, बोले-मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं कबीर के विचार
वाराणसी। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने रविवार को लहरतारा स्थित कबीरदास की पावन जन्मस्थली श्री सदगुरु प्राकट्य स्थल पर दर्शन किया। इस दौरान मत्था टेका और देश-दुनिया में शांति, प्रेम और सामाजिक समरसता के लिए आशीर्वाद मांगा।
मठ परिसर पहुंचने पर राज्यपाल का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। डमरू वादन और पुष्प वर्षा के साथ उनका अभिनंदन किया गया, जिससे पूरा परिसर भक्ति और उत्साह के माहौल से भर गया। इस अवसर पर मठ के पीठाधीश्वर महंत गोविंद दास शास्त्री ने उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

दर्शन-पूजन के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल कवीन्द्र गुप्ता ने कहा कि संत कबीर दास के विचार आज भी समाज और मानवता के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे। उन्होंने कहा कि कबीर ने अपने दोहों और वचनों के माध्यम से समाज को प्रेम, समानता और सद्भाव का संदेश दिया, जो आज के समय में भी बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कबीर जी को मेरा सादर प्रणाम। उनकी जन्मस्थली पर आकर मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। इस पवित्र स्थल की ऊर्जा और शांति अद्भुत है, जो हर व्यक्ति को समाज में भाईचारे और समरसता का संदेश देती है।”

इस अवसर पर महंत गोविंद दास शास्त्री ने राज्यपाल को मठ के ऐतिहासिक महत्व और कबीर दास के प्राकट्य से जुड़ी परंपराओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लहरतारा का यह स्थल सदियों से आध्यात्मिक चेतना और मानवता के संदेश का केंद्र रहा है।
कार्यक्रम में सुमीत सिंह, विनय पांडे और आशीष गुप्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने राज्यपाल के साथ दर्शन-पूजन में भाग लिया। उन्होंने कबीर के विचारों और दर्शन को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर मठ के संतगढ़ सेवादार, स्थानीय गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने कबीर साहेब के चरणों में श्रद्धा अर्पित की।

