वाराणसी में गैस संकट गहराया, सिलेंडर के लिए भटक रहे उपभोक्ता

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 वाराणसी। जनपद में रसोई गैस की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि गैस बुक कराने के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा, जिसके कारण उपभोक्ताओं को एजेंसी से लेकर गोदाम तक कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई लोगों को तो 8 से 10 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ रही है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो गई है। होम डिलीवरी करने वाले कर्मचारी कई बार फोन बंद कर लेते हैं, जिससे संपर्क करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में लोगों को खुद ही गोदाम जाकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है। इस स्थिति से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है।

अधिक कीमत वसूली के आरोप

गैस वितरण को लेकर एक और गंभीर आरोप सामने आया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि निर्धारित कीमत 976.50 रुपये होने के बावजूद उनसे 980 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यानी हर सिलेंडर पर करीब 3 से 4 रुपये अतिरिक्त लिए जा रहे हैं।

यदि प्रतिदिन 100 सिलेंडर वितरित किए जाएं तो लगभग 350 रुपये अतिरिक्त वसूली होती है, जबकि 200 सिलेंडर पर यह रकम 700 रुपये तक पहुंच सकती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह अतिरिक्त बोझ सीधे उनकी जेब पर पड़ रहा है।

गांव से शहर तक एक जैसी समस्या

यह समस्या केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी हालात चिंताजनक हैं। कई गांवों में गैस की सप्लाई अनियमित है, जिससे लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ उपभोक्ताओं को मजबूरी में लकड़ी या अन्य वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है।

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि गैस वितरण व्यवस्था की नियमित जांच होनी चाहिए और जहां भी लापरवाही या अधिक वसूली सामने आए, वहां सख्त कार्रवाई की जाए।

लोगों का मानना है कि गैस की कमी और अतिरिक्त वसूली दोनों समस्याएं मिलकर हालात को और गंभीर बना रही हैं। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग की सक्रियता से ही इस संकट का समाधान संभव है।

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