नेपाल में वाराणसी के चार होम्योपैथिक चिकित्सकों को मिला गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मान
वाराणसी। नेपाल के लुम्बिनी स्थित भैरहवां में आयोजित एक दिवसीय इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय होम्योपैथिक वैज्ञानिक सम्मेलन-2026 एवं गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय शांति अवार्ड समारोह में वाराणसी और चंदौली के चार होम्योपैथिक चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। नेपाल के लुम्बिनी प्रांत के स्वास्थ्य मंत्री दीपेन्द्र कुमार पुनमगर ने चिकित्सकों को गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मान प्रदान किया।
होटल मौर्या प्राइवेट लिमिटेड में आयोजित इस सम्मेलन में वाराणसी के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने शोध-पत्र प्रस्तुत किया। उनका शोध-पत्र ‘क्रोनिक रीनल फेल्योर (दीर्घकालिक गुर्दा विफलता) का होम्योपैथिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों द्वारा बिना डायलिसिस उपचार’ विषय पर केंद्रित रहा। इसमें उन्होंने गुर्दे की दीर्घकालिक बीमारी के उपचार से जुड़ी होम्योपैथिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों पर अपने विचार रखे।
समारोह में सम्मानित होने वाले चिकित्सकों में वाराणसी के डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. राकेश कुमार सिंह और डॉ. नीरज कुमार सिंह तथा चंदौली के डॉ. केके सिंह शामिल रहे। चारों चिकित्सकों को स्वास्थ्य मंत्री ने सम्मानित किया। आयुष मेडिकल एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के विभिन्न क्षेत्रों से 300 से अधिक होम्योपैथिक चिकित्सकों ने भाग लिया। सम्मेलन में चिकित्सा पद्धति से जुड़े वैज्ञानिक विषयों पर विचार-विमर्श और शोध प्रस्तुतियां हुईं।

