ओमान में घुलेगा बनारसी स्वाद, पहली बार वाराणसी से भेजी गई 40 मीट्रिक टन बिस्कुट की खेप
चाय की चुस्की के साथ ओमान के लोग भी बनारसी बिस्कुट का चखेंगे स्वाद
वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत से कुल बिस्कुट जैसे उत्पाद का निर्यात लगभग ₹3,642 करोड़, इसमें यूपी का कुल योगदान लगभग ₹33 करोड़
भारत से ओमान को कुल बिस्कुट निर्यात लगभग ₹52.33 करोड़, यूपी से ओमान को वर्तमान निर्यात लगभग ₹0.27 करोड़ है
वाराणसी, 20 जूनः धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की वैश्विक राजधानी काशी अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार और औद्योगिक प्रगति के मानचित्र पर भी नई पहचान दर्ज करा रही है। योगी सरकार द्वारा मजबूत कानून-व्यवस्था और उद्योग-अनुकूल माहौल का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। इससे वाराणसी के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। यहाँ से पहली बार ओमान के लिए 40 मीट्रिक टन बिस्कुट का निर्यात किया गया है। अब ओमान के लोग भी चाय की चुस्की के साथ बनारसी बिस्कुट का स्वाद चखेंगे। वाराणसी से अंतरराष्ट्रीय स्तर की उड़ान बड़ी आर्थिक उपलब्धि मानी जा रही है। ये खेप वाराणसी के औद्योगिक क्षेत्र, करिखियॉव फ़ूड पार्क से एक कार्यक्रम के बाद रवाना किया गया है।
वाराणसी से ओमान तक का सफर
यह वाराणसी से सड़क मार्ग से कानपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो पहुंचेगी। वहां सीमा शुल्क संबंधी सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट मुंबई भेजा जाएगा, जहाँ से समुद्री मार्ग के जरिए यह खेप ओमान के लिए रवाना होगी।
आंकड़ों में बिस्कुट निर्यात वित्तीय वर्ष 2025-26
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ कमर्शियल इंटेलिजेंस एंड स्टेटिस्टिक्स के आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत से कुल बिस्कुट जैसे उत्पाद का निर्यात लगभग ₹3,642 करोड़ था। इसमें उत्तर प्रदेश का कुल योगदान लगभग ₹33 करोड़ है। भारत से ओमान को कुल बिस्कुट निर्यात लगभग ₹52.33 करोड़,यूपी से ओमान को वर्तमान निर्यात लगभग ₹0.27 करोड़ है।
भारत-ओमान सीईपीए समझौते के बाद पहली खेप
बिस्कुट की ये खेप भारत और ओमान के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों तथा प्रस्तावित व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते को प्रदर्शित करेगी। वाराणसी से बिस्कुट की पहली महत्वपूर्ण खेप है, जो भविष्य के लिए नए दरवाजे खोलेगी।
वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े एपीडा के अध्यक्ष
एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि वाराणसी जैसे लैंडलॉक्ड क्षेत्र से ओमान के लिए निर्यात होना ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो सीईपीए के बाद और आसानी से हासिल हो रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने की इच्छा रखने वाले अन्य स्थानीय निर्यातकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। एपीडा के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. सी.बी. सिंह ने बताया हम वाराणसी क्षेत्र से कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। इससे पहले यहां से आम, मिर्च, भिंडी जैसे ताजे उत्पाद विदेशों में भेजे जा चुके हैं। पिछले वर्ष शारजाह के बाजार के लिए बिस्कुट निर्यात की शुरुआत हुई थी और अब ओमान के रूप में एक और बड़ा बाजार पूर्वांचल के उद्योगों के लिए खुल गया है।
एपीडा और स्थानीय उद्योगों का साझा प्रयास
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा ) द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से वाराणसी स्थित निर्माता-निर्यातक मैसर्स तिरुपति बालाजी इंडस्ट्रीज प्रा. लि. ने बिस्कुट की 40 मीट्रिक टन की खेप को रवाना किया। एपीडा द्वारा स्थानीय निर्यातकों को लगातार वैश्विक मंच प्रदान किया जा रहा है। इसी के तहत निर्यातक को आहार-2026 तथा गल्फूड-2026 जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में सहभागिता कराई गई, जिसके परिणामस्वरूप बनारसी उत्पादों को विदेशी बाजार और नए खरीदार मिले।
वर्ज़न
योगी सरकार की उद्योग एवं निर्यात समर्थक नीतियों ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार का नया केंद्र बनाने की मजबूत नींव रखी है। हमारा विजन वाराणसी से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को विश्व के अधिक से अधिक देशों तक पहुँचाकर किसानों, उद्योगों और स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करना है।
प्रतीक अग्रवाल
डायरेक्टर, मैसर्स तिरुपति बालाजी इंडस्ट्रीज प्रा. लि., वाराणसी

